क्या पीएम मोदी ने कांग्रेस कार्यकाल का जिक्र कर बताया 'जीएसटी बचत उत्सव' का कारण?

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क्या पीएम मोदी ने कांग्रेस कार्यकाल का जिक्र कर बताया 'जीएसटी बचत उत्सव' का कारण?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांसवाड़ा में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बताया कि जीएसटी बचत उत्सव का क्या महत्व है। उन्होंने सुधारों के माध्यम से जनता की बचत के आंकड़े साझा किए और कांग्रेस के कार्यकाल की तुलना की। जानें कैसे आम जनता को अब राहत मिल रही है।

मुख्य बातें

जीएसटी बचत उत्सव के माध्यम से आम जनता को राहत मिली है।
कांग्रेस के शासनकाल में टैक्स दरें अधिक थीं।
जीएसटी के सुधारों से वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सुधारों के आंकड़े साझा किए।
आम जनता ने कांग्रेस के शासनकाल की तुलना में बचत की है।

बांसवाड़ा, २५ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राजस्थान के बांसवाड़ा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कांग्रेस के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि क्यों आज देश 'जीएसटी बचत उत्सव' मना रहा है और आम जनता अब जीएसटी सुधारों से कितनी बचत कर रही है।

मोदी ने बांसवाड़ा में विशाल रैली में २०१४ से पहले की यूपीए सरकार की याद दिलाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश की जनता को लूटने का काम किया।

उन्होंने कहा कि ११ साल पहले, कांग्रेस के समय में हालात कितने खराब थे, क्योंकि उस समय कांग्रेस सरकार देशवासियों का शोषण कर रही थी। कांग्रेस के शासन में टैक्स और महंगाई दोनों बढ़ गए थे। जब आपने मोदी को आशीर्वाद दिया, तब हमारी सरकार ने कांग्रेस की लूट को समाप्त किया। इसीलिए आज कांग्रेस हमसे नाराज है। २०१७ में हमने जीएसटी लागू कर देश को टैक्स और टोल के जंजाल से मुक्ति दिलाई। नवरात्रि के पहले दिन, एक महत्वपूर्ण जीएसटी सुधार किया गया, जिसके परिणामस्वरूप आज पूरा भारत जीएसटी बचत उत्सव मना रहा है। रोज़मर्रा की ज़्यादातर चीज़ें अब सस्ती हो गई हैं।

उन्होंने कहा कि घरेलू रसोई का खर्च कम होने से देशभर की माताओं और बहनों को सीधी राहत मिली है।

मोदी ने कहा, "कांग्रेस के शासन में, १०० रुपए की वस्तु की कीमत टैक्स के बाद १३१ रुपए थी। २०१७ में जीएसटी लागू होने पर उसी वस्तु की कीमत ११८ रुपए हो गई थी। अब जीएसटी सुधारों के बाद, वही वस्तु १०५ रुपए की हो गई है। यह कांग्रेस के जमाने की तुलना में २६ रुपए की बचत है।"

उन्होंने कहा, "पहले, ५०० रुपए के एक जोड़ी जूते की कीमत ५७५ रुपए थी, क्योंकि कांग्रेस ने ७५ रुपए टैक्स लगाया था। अब जीएसटी सुधारों के बाद, आपको ५०० रुपए के जूते पर ५० रुपए कम लगते हैं।"

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अब, भाजपा सरकार ने ५०० रुपए तक के जूतों पर टैक्स स्लैब को हटा दिया है और २५०० रुपए तक के जूतों पर टैक्स दरों को भी कम कर दिया है।

उन्होंने कहा, "एक सामान्य परिवार का सपना होता है कि उसके पास एक स्कूटर या मोटरसाइकिल हो। कांग्रेस राज में, ६०,००० रुपए की बाइक पर १९,००० रुपए से अधिक टैक्स देना होता था। २०१७ में जब जीएसटी लागू हुआ, तो यह टैक्स २,०००-२,५०० रुपए कम किया गया। जीएसटी में सुधार के बाद उसी बाइक पर टैक्स अब केवल १०,००० रुपए है। इसका मतलब है कि २०१४ से पहले के कांग्रेस काल की तुलना में ९,००० रुपए की बचत हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदर्भ प्रदान करता है। कांग्रेस के शासनकाल की आलोचना और जीएसटी सुधारों का उल्लेख करते हुए, मोदी ने जनता के लिए राहत और बचत के मुद्दे को प्राथमिकता दी है। यह एक ऐसा विषय है, जो न केवल वर्तमान राजनीति को प्रभावित करता है, बल्कि भविष्य के आर्थिक परिदृश्यों को भी निर्धारित करेगा।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसटी बचत उत्सव क्या है?
जीएसटी बचत उत्सव, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किया गया एक अभियान है, जिसमें जीएसटी सुधारों के परिणामस्वरूप आम जनता को हुई बचत का जश्न मनाया जाता है।
कांग्रेस शासनकाल में टैक्स दरें कैसे थीं?
कांग्रेस के शासनकाल में, टैक्स दरें बहुत अधिक थीं, जिससे वस्तुओं की कीमतें भी आसमान छू गई थीं, जिससे आम जनता को भारी महंगाई का सामना करना पड़ा।
जीएसटी सुधारों का क्या लाभ है?
जीएसटी सुधारों के परिणामस्वरूप, वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है और आम जनता को आर्थिक राहत मिली है।
क्या जीएसटी बचत उत्सव सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट है?
इस उत्सव का उद्देश्य जनता को जीएसटी के लाभों के प्रति जागरूक करना है, लेकिन इसमें राजनीतिक दृष्टिकोण भी शामिल है।
क्या जीएसटी लागू होने से महंगाई कम हुई है?
जीएसटी लागू होने के बाद कई वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है, जिससे महंगाई पर नियंत्रण पाया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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