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क्या पीएम मोदी ने 'मन की बात' में देशभर की सफाई पहलों की सराहना की?

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क्या पीएम मोदी ने 'मन की बात' में देशभर की सफाई पहलों की सराहना की?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में स्वच्छता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन ने 11 वर्षों में जन आंदोलन का रूप ले लिया है। देशभर के लोग स्वच्छता के अनूठे तरीके अपना रहे हैं, जिससे पर्यावरण की रक्षा हो रही है।

मुख्य बातें

स्वच्छता एक स्थायी आदत होनी चाहिए।
' स्वच्छ भारत मिशन ' ने 11 वर्षों में जन आंदोलन का रूप ले लिया है।
4500 से अधिक शहरों ने इस मिशन में भाग लिया है।
जनभागीदारी से स्वच्छता में सुधार हुआ है।
हर नागरिक को स्वच्छता में योगदान करना चाहिए।

नई दिल्ली, 27 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 124वें एपिसोड में एक बार फिर 'स्वच्छता' पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 'स्वच्छ भारत मिशन' जल्द ही अपने 11 साल पूरे करने जा रहा है, लेकिन इसकी ताकत और जरूरत आज भी उतनी ही बनी हुई है।

पीएम मोदी ने कहा, "कभी-कभी कुछ लोगों को कोई काम असंभव सा लगता है। वे सोचते हैं, क्या यह संभव भी होगा? लेकिन जब पूरा देश एक सोच पर एकजुट हो जाता है, तो असंभव भी संभव हो जाता है। 'स्वच्छ भारत मिशन' इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।"

उन्होंने बताया कि इन 11 सालों में यह मिशन एक जन आंदोलन बना है। लोग इसे अपना कर्तव्य मानते हैं और यही असली जनभागीदारी है। पीएम मोदी ने कहा कि देशभर के शहर और कस्बे अपने-अपने पर्यावरण और जरूरतों के अनुसार स्वच्छता के अनूठे तरीकों को अपना रहे हैं। इस साल देश के 4500 से ज्यादा शहर और कस्बे, इसमें शामिल हुए। 15 करोड़ से ज्यादा लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। यह कोई मामूली संख्या नहीं है। यह स्वच्छ भारत की आवाज है।

प्रधानमंत्री ने कई स्थानों के उदाहरण देते हुए बताया, "उत्तराखंड के कीर्तिनगर के लोग पहाड़ों में कचरा प्रबंधन की नई मिसाल कायम कर रहे हैं। इसी तरह, मंगलुरु में तकनीक की मदद से जैविक कचरा प्रबंधन किया जा रहा है। अरुणाचल प्रदेश में रोइंग नाम का एक छोटा सा शहर है। एक समय था, जब कचरा प्रबंधन वहां के लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती थी। वहां के लोगों ने इसकी जिम्मेदारी ली। 'ग्रीन रोइंग इनिशिएटिव' शुरू किया गया और फिर रीसाइकिल किए गए कचरे से एक पूरा पार्क तैयार किया गया।"

उन्होंने बताया कि कराड और विजयवाड़ा में जल प्रबंधन की कई नई मिसालें कायम हुई हैं। अहमदाबाद में रिवर फ्रंट की सफाई ने भी सबका ध्यान खींचा है।

'मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने भोपाल की 'सकारात्मक सोच' टीम की सराहना की। पीएम मोदी ने बताया कि यह टीम 200 महिलाओं की है जो 17 पार्कों की सफाई करने के साथ-साथ लोगों में जागरूकता भी फैला रही हैं। शहर के 17 पार्कों की एक साथ सफाई करना और कपड़े के थैले बांटना, उनका हर कदम एक संदेश है। ऐसे ही प्रयासों की बदौलत भोपाल अब स्वच्छ सर्वेक्षण में काफी आगे बढ़ा है।

लखनऊ की गोमती नदी टीम के बारे में बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह टीम पिछले 10 सालों से हर रविवार लगातार सफाई अभियान में जुटी है। छत्तीसगढ़ के बिल्हा की महिलाओं को भी पीएम ने सराहा, जिन्होंने कचरा प्रबंधन का प्रशिक्षण लेकर शहर की तस्वीर ही बदल दी।

प्रधानमंत्री ने गोवा के पणजी शहर का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि पणजी में कचरे को 16 श्रेणियों में बांटा जाता है। उसका नेतृत्व भी महिलाएं ही कर रही हैं। पणजी को 'राष्ट्रपति पुरस्कार' भी मिल चुका है।

देशवासियों को स्वच्छता का मैसेज देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छता कोई एक बार या एक दिन का काम नहीं है। जब हम हर दिन, साल के हर पल स्वच्छता को प्राथमिकता देंगे, तभी देश स्वच्छ रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक नियमित आदत होनी चाहिए। यह देशवासियों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी जीवनशैली में स्वच्छता को प्राथमिकता दें।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वच्छ भारत मिशन क्या है?
स्वच्छ भारत मिशन भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक अभियान है, जिसका उद्देश्य देश को साफ-सुथरा बनाना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में स्वच्छता के महत्व और 'स्वच्छ भारत मिशन' की सराहना की।
कितने लोग 'स्वच्छ भारत मिशन' में शामिल हुए?
इस साल 15 करोड़ से ज्यादा लोगों ने 'स्वच्छ भारत मिशन' में हिस्सा लिया।
क्या 'मन की बात' कार्यक्रम नियमित है?
हां, 'मन की बात' कार्यक्रम हर महीने आयोजित किया जाता है।
स्वच्छता का महत्व क्या है?
स्वच्छता हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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