क्या संजय राउत गंभीर राजनीति को समझते हैं, या सिर्फ बयानबाजी करते हैं? : शाइना एनसी
सारांश
Key Takeaways
- संजय राउत की राजनीतिक समझ पर सवाल उठाया गया है।
- दावोस में भारत के भविष्य पर गंभीर चर्चा होती है।
- महायुति सरकार एकजुट है।
- शिवसेना का विकास के प्रति दृष्टिकोण सकारात्मक है।
- हिंदुत्व का अर्थ सबके लिए न्याय है।
मुंबई, 21 जनवरी (आईएनएस)। शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाइना एनसी ने कांग्रेस नेता संजय राउत और विपक्ष पर कई मुद्दों को लेकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि संजय राउत केवल पिकनिक और छुट्टियों की राजनीति को समझते हैं, जबकि दावोस जैसे वैश्विक मंच पर भारत और महाराष्ट्र के भविष्य पर गंभीर चर्चाएँ होती हैं।
शाइना एनसी ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि दावोस में 100 से अधिक शीर्ष सीईओ, कई मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री एक मंच पर उपस्थित होते हैं। वहाँ का मुख्य उद्देश्य भारत में निवेश को आकर्षित करना है, विशेषकर रक्षा, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में।
उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान विकसित महाराष्ट्र, विकसित मुंबई और विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण पर है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति लॉजिस्टिक लागत, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और वैश्विक भू-राजनीतिक हालात को समझता है, तो वह यह भी समझ जाएगा कि निवेश और व्यापार विवादों को संवाद के माध्यम से कैसे सुलझाया जा सकता है।
शाइना एनसी ने टिप्पणी की कि संजय राउत इन मुद्दों की गंभीरता को नहीं समझते और केवल राजनीतिक बयानबाजी करते हैं।
महायुति सरकार पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में गठबंधन पूर्ण रूप से एकजुट है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महापौर का निर्णय भी दोनों नेताओं की सहमति से लिया जाएगा और विपक्ष द्वारा फैलाए गए 'झूठे नैरेटिव' में कोई सच्चाई नहीं है।
शाइना एनसी ने भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक निर्णयों की भी प्रशंसा की। उन्होंने नितिन नबीन का उदाहरण देते हुए कहा कि वे बिहार के जमीनी कार्यकर्ता से पार्टी अध्यक्ष बने हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि भाजपा में कोई भी सामान्य नागरिक और कार्यकर्ता ऊंचे पद तक पहुंच सकता है।
शाइना एनसी ने इसे 'जेनरेशन शिफ्ट' बताते हुए कहा कि युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान भी हैं।
मुंबई और महाराष्ट्र के विकास पर बात करते हुए शाइना एनसी ने कहा कि उनकी राजनीति 'प्रगति और समावेश' की है। उन्होंने 'मुंबई माझी लाडकी' का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य ऐसी मुंबई बनाना है जो सभी नागरिकों के दिल की धड़कन बने और जहाँ सभी को साथ लेकर विकास किया जाए।
हिंदुत्व के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इसका अर्थ सबके लिए न्याय और किसी के लिए तुष्टिकरण नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे 'भगवा' और 'हरे' जैसे शब्दों का राजनीतिक दुरुपयोग करते हैं और तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं, जबकि उनकी पार्टी राष्ट्रवाद और विकास की बात करती है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी शाइना एनसी ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश और विदेश में घूमते हुए 'फॉल्स नैरेटिव' फैलाते हैं और इससे भारत की छवि को नुकसान पहुँचता है। इस तरह की राजनीति को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि जनता अब विकास और स्थिरता चाहती है।
शाइना एनसी ने कहा कि महाराष्ट्र और मुंबई के लिए निवेश लाना और 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि महायुति सरकार एकजुट रहकर राज्य को विकास की नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी।