बेंगलुरु में ओडिशा के कांग्रेस विधायकों को रिश्वत देने की कोशिश: दो लोग हिरासत में
सारांश
Key Takeaways
- बेंगलुरु में ओडिशा के कांग्रेस विधायकों को रिश्वत देने की कोशिश की गई।
- पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है।
- यह घटना राज्यसभा चुनाव से पहले हुई है।
- कांग्रेस विधायकों को सुरक्षा के लिए रिसॉर्ट में ठहराया गया था।
- पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बेंगलुरु, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस) - राज्यसभा चुनाव से पहले ओडिशा के कांग्रेस विधायकों को कथित रूप से रिश्वत देने के प्रयास में बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट से दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने रविवार को इस मामले की जानकारी दी।
यह घटना बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे पर स्थित बिदादी के वंडरला रिसॉर्ट में हुई, जहां ओडिशा के कांग्रेस के आठ विधायक राज्यसभा चुनाव से संभावित पोचिंग के खतरे के चलते ठहरे हुए थे।
कांग्रेस पार्टी के अनुसार, ओडिशा से आए दो लोग रिसॉर्ट परिसर में घुस गए और एक विधायक से संपर्क कर राज्यसभा चुनाव में वोट को प्रभावित करने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि उन्होंने बातचीत के दौरान एक खाली चेक देने का प्रस्ताव रखा।
ओडिशा कांग्रेस विधायक दल के उपनेता अशोक कुमार दास ने बिदादी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग विधायकों के पास आए और प्रत्येक को करोड़ों रुपए देने का प्रस्ताव रखा, ताकि वे राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग करें।
दास ने अपनी शिकायत में कहा, “15 मार्च को चार अज्ञात लोग हमारे कुछ विधायकों से मिले और हर विधायक को करोड़ों रुपए देने की पेशकश की। जब हमारे विधायकों ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया, तो उन लोगों ने हमें ओडिशा लौटने पर जान से मारने की धमकी दी और गाली-गलौज भी की।”
बेंगलुरु साउथ के पुलिस अधीक्षक आर. श्रीनिवास गौड़ा ने बताया कि उन्हें इस मामले में शिकायत मिली है और आरोपों की प्रारंभिक जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, "जल्द ही इसे एफआईआर में बदल दिया जाएगा। फिलहाल दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।"
राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होने हैं। चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गरम है और क्रॉस-वोटिंग की आशंका जताई जा रही है।
इसी कारण कांग्रेस नेतृत्व ने अपने आठ विधायकों को बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में ठहराया था, ताकि मतदान तक सभी विधायक एक साथ रहें और किसी दूसरी पार्टी का प्रभाव उन पर न पड़े।
पार्टी नेताओं के अनुसार, यह फैसला आंतरिक चर्चा के बाद लिया गया था। ये विधायक राज्यसभा चुनाव के मतदान से कुछ घंटे पहले ही भुवनेश्वर लौटेंगे।