प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के समूल विनाश में अद्वितीय कदम उठाए: तरुण चुघ
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के समूल विनाश के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
- भारत और इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता है।
- छत्रपति शिवाजी महाराज का सम्मान भारतीय संस्कृति का प्रतीक है।
- जिहादी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।
- वैचारिक सेंसरशिप से बचना चाहिए।
नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के महासचिव तरुण चुघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के समूल विनाश की दिशा में अद्वितीय प्रयास किए हैं। आतंकवाद को समाप्त करने के बाद ही शांति की स्थापना संभव है।
शुक्रवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। दोनों ही देश राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के मामले में कोई समझौता नहीं करते हैं।
उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करने को मानसिक दिवालियापन बताया, जिसने 75 हजार हिंदुओं को मारा। यह विकृत मानसिकता है, जिसे माफ नहीं किया जा सकता। दशकों तक इतिहास के साथ अन्याय को सुधारना विभाजनकारी राजनीति नहीं, बल्कि भारतीय सम्मान की पुनर्स्थापना है। छत्रपति शिवाजी महाराज केवल एक राजा नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के सम्मान के प्रतीक हैं। उनके सम्मान को कम करने की हर कोशिश का विरोध किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि कुछ नेता खुद को नया जिन्ना समझकर लोगों को डराने की कोशिश कर रहे हैं। यह समाज को तोड़ने वाला प्रयास है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने ‘द केरल स्टोरी 2’ पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि इस फिल्म के माध्यम से राज्य में मौजूदा जिहादी तत्वों का पर्दाफाश होना चाहिए। यह एक गंभीर समस्या है, जिसका समाधान किया जाना चाहिए। वैचारिक सेंसरशिप एक खतरनाक सोच है। कांग्रेस और इंडी गठबंधन जिहादी सच को सामने आने से बैचेन क्यों हैं? हमें सच को उजागर करने देना चाहिए और उसका समाधान करना चाहिए।