क्या पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि?

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क्या पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि?

सारांश

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर देशभर के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके योगदान और सिद्धांतों को याद करते हुए, हर किसी ने उनकी सादगी और नेतृत्व की प्रशंसा की। जानिए किस तरह उनके नारे ने देश में एकता की भावना को जागृत किया।

Key Takeaways

  • लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सादगी और ईमानदारी का प्रतीक है।
  • उनका 'जय जवान, जय किसान' का नारा आज भी प्रेरणादायक है।
  • शास्त्री जी ने 1965 के युद्ध में भारत की विजय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • उनकी नीतियों ने आत्मनिर्भरता की भावना को बढ़ावा दिया।
  • नेताओं ने आज उनकी सादगी और दृढ़ संकल्प की प्रशंसा की।

नई दिल्ली, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर देश के विभिन्न नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शास्त्री जी का 'जय जवान, जय किसान' का नारा देश में एकता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बना। उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर नेताओं ने उनकी सादगी, ईमानदारी, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाली नीति को याद किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "पूर्व प्रधानमंत्री एवं ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर उनको कोटि-कोटि नमन। संकट के समय 'जय जवान, जय किसान' का उद्घोष कर शास्त्री जी ने देश के स्वावलंबन और सुरक्षा का सुंदर समन्वय बनाया। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले गुदड़ी के लाल शास्त्री जी ने अपने दृढ़ संकल्प और मजबूत नेतृत्व से 1965 के युद्ध में भारत को विजय दिलाई। उनका सादगीपूर्ण जीवन हर एक समाजसेवी के लिए प्रेरणा है।"

केंद्रीय मंत्री नीतीन गड़करी ने लिखा, "पूर्व प्रधानमंत्री ‘जय जवान जय किसान’ के प्रणेता भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र अभिवादन।"

केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लिखा, "जय जवान, जय किसान के उद्घोष से राष्ट्र में नव चेतना का संचार करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री, 'भारत रत्न' लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।"

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लिखा, "पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि।"

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, "जय जवान, जय किसान का उद्घोष करने वाले, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री 'भारत रत्न' श्रद्धेय लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर कोटिशः नमन। आपके सादगी, दृढ़ संकल्प और देशभक्ति से परिपूर्ण नेतृत्व हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।"

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पोस्ट में लिखा, "सादगी, शुचिता, सत्यनिष्ठा और कर्तव्यपरायणता के अद्वितीय प्रतीक, पूर्व प्रधानमंत्री, 'भारत रत्न' लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्रहित सर्वोपरि के भाव से ओतप्रोत उनका संपूर्ण जीवन मर्यादा और अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है।"

यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने लिखा, "जय जवान, जय किसान का नारा देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्व. लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि। सादगी, सत्यनिष्ठा और ईमानदारी के प्रतीक शास्त्री जी ने अपने कृतित्व और व्यक्तित्व से भारतीय राजनीति में अमिट छाप छोड़ी।"

Point of View

मैं यह मानता हूं कि लाल बहादुर शास्त्री का योगदान आज भी हमारे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी नीतियों और विचारों ने भारत को एक नई दिशा दी और हमें आत्मविश्वास से भर दिया।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

लाल बहादुर शास्त्री का जन्म कब हुआ था?
लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को हुआ था।
शास्त्री जी का प्रसिद्ध नारा क्या था?
'जय जवान, जय किसान' उनका प्रसिद्ध नारा था।
उनकी प्रमुख नीतियों में क्या शामिल था?
उन्होंने आत्मनिर्भरता और कृषि विकास पर जोर दिया।
लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि कब मनाई जाती है?
उनकी पुण्यतिथि 11 जनवरी को मनाई जाती है।
शास्त्री जी का योगदान किस क्षेत्र में था?
उनका योगदान राजनीति और समाज सुधार में था।
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