क्या प्रवीण खंडेलवाल ने दिल्ली के एलजी को पत्र लिखकर सद्भावना पार्क का नाम बदलने का प्रस्ताव दिया?
सारांश
Key Takeaways
- सद्भावना पार्क का नाम बदलकर 'अटल सद्भावना पार्क' करने का प्रस्ताव
- अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती का सम्मान
- पार्क में वाजपेयी जी की प्रतिमा स्थापित करने का सुझाव
- युवाओं को प्रेरित करने का उद्देश्य
- दिल्ली के सांस्कृतिक परिदृश्य को समृद्ध करना
नई दिल्ली, 22 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने दिल्ली के एलजी को एक पत्र भेजकर सुझाव दिया है कि रिंग रोड पर स्थित सद्भावना पार्क का नाम बदलकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100वीं जयंती के अवसर पर 'अटल सद्भावना पार्क' रखा जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पार्क में वाजपेयी जी की एक प्रतिमा स्थापित की जाए।
खंडेलवाल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारत के महानतम राजनेताओं में से एक थे। वे एक दूरदर्शी नेता, उत्कृष्ट सांसद और लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक रहे हैं। उनके जीवन और कार्य सद्भावना, संवाद, समावेशी विकास और सुशासन के आदर्शों में गहराई से जुड़े हुए हैं, जिससे यह नामकरण प्रतीकात्मक और सार्थक है।
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष का सम्मान करना राष्ट्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है ताकि उनके अद्वितीय योगदान को याद किया जा सके और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी विरासत को संरक्षित किया जा सके। राजधानी के केंद्र में एक प्रमुख सार्वजनिक स्थान का नाम बदलने से उनके आदर्शों को स्थायी सम्मान मिलेगा, जिससे नागरिकों, विशेषकर युवाओं, को प्रेरणा मिलेगी।
खंडेलवाल ने आगे सुझाव दिया कि अटल सद्भावना पार्क को एक स्मारक और जागरूकता स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिसमें वाजपेयी जी के जीवन के मुख्य पड़ाव, भारत की विदेश नीति को मजबूत करने में उनकी भूमिका, बुनियादी ढांचे के विकास, आर्थिक सुधारों और राष्ट्रीय सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए उनके प्रयासों को उजागर किया जा सके।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रस्ताव पर एलजी द्वारा सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा, क्योंकि यह दिल्ली के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परिदृश्य को समृद्ध करेगा और भारत की लोकतांत्रिक विरासत के साथ जनता के जुड़ाव को मजबूत करेगा।