एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति मुर्मु ने 92 डॉक्टरों को दी डिग्री, 5 को गोल्ड मेडल
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 7 अक्टूबर 2026 को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स बिलासपुर) के ऐतिहासिक पहले दीक्षांत समारोह में 2020 बैच के 92 डॉक्टरों को डिग्री प्रदान की। यह समारोह संस्थान के एमबीबीएस के पहले बैच के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में दर्ज हुआ।
समारोह का मुख्य घटनाक्रम
राष्ट्रपति मुर्मु मंगलवार सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर एम्स बिलासपुर के हेलीपैड पर पहुँचीं और सीधे दीक्षांत स्थल पर गईं। समारोह की शुरुआत स्नातक बैच की सामूहिक तस्वीर से हुई। स्नातक डॉक्टरों ने पारंपरिक कुर्ता-पायजामा और टोपी पहनकर अपनी डिग्री ग्रहण की — एम्स प्रशासन ने पुरुष और महिला दोनों स्नातकों के लिए यह ड्रेस कोड पहले से तय किया था।
राष्ट्रपति ने अपनी-अपनी श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले 5 छात्रों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया और शेष स्नातकों को डिग्री वितरित की। इस अवसर पर एम्स प्रशासन ने राष्ट्रपति मुर्मु को स्मृति चिह्न के रूप में पारंपरिक रणसिंघा भेंट किया। उन्हें बाबा बालक नाथ और श्री नैना देवी की मूर्तियाँ भी उपहारस्वरूप दी गईं।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य नेता
इस विशेष अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, और मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और नेता उपस्थित रहे। राजनीतिक दृष्टि से यह उपस्थिति उल्लेखनीय है — केंद्र और राज्य, दोनों सरकारों के प्रतिनिधियों ने एक ही मंच साझा किया।
एम्स बिलासपुर: पृष्ठभूमि और बुनियादी ढाँचा
एम्स बिलासपुर का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2017 में किया था और 5 अक्टूबर 2022 को इसका विधिवत उद्घाटन हुआ था। यह संस्थान 247 एकड़ में फैला है और इसके निर्माण पर ₹1,470 करोड़ से अधिक की लागत आई है। संस्थान में 18 विशेषज्ञता विभाग, 17 सुपर स्पेशियलिटी विभाग, 18 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और 64 आईसीयू बेड सहित कुल 750 बेड की क्षमता है।
गौरतलब है कि अस्पताल काजा, सलूनी और केलांग जैसे दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित करता है, जो इसे पर्वतीय क्षेत्रों की चिकित्सा ज़रूरतों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाता है।
मनाली दौरा और अटल टनल का निरीक्षण
बिलासपुर कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति मनाली के लिए रवाना हुईं। 7 अक्टूबर को वह हिडिंबा मंदिर और लाहौल-स्पीति जिले में रोहतांग स्थित अटल टनल का दौरा करेंगी। राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार टनल का निरीक्षण उनके आधिकारिक दौरे का हिस्सा है। उल्लेखनीय है कि अप्रैल में खराब मौसम के कारण यह दौरा रद्द हो गया था।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए मंगलवार रात 8 बजे से बुधवार दोपहर 12 बजे तक पलचान से अटल टनल रोहतांग की ओर आम वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। अटल टनल मनाली और लाहौल घाटी के बीच हर मौसम में संपर्क सुनिश्चित करती है।
आगे की योजना
राष्ट्रपति मुर्मु 8 अक्टूबर तक हिमाचल प्रदेश के दौरे पर रहेंगी, जिसके बाद वह नई दिल्ली लौट जाएंगी। यह दौरा पर्वतीय राज्यों में स्वास्थ्य और अवसंरचना विकास को राष्ट्रपति भवन के स्तर पर मिल रही प्राथमिकता को रेखांकित करता है।