क्या प्रियंका गांधी 'वोटर अधिकार यात्रा' में शामिल हुईं?

सारांश
Key Takeaways
- प्रियंका गांधी का यात्रा में शामिल होना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत है।
- यह यात्रा वोटरों के अधिकारों के लिए जागरूकता फैलाने का प्रयास है।
- यात्रा में शामिल सभी दलों का एकजुट होना विपक्षी एकता को दर्शाता है।
सुपौल, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में बिहार में कथित तौर पर वोट चोरी के खिलाफ इंडिया ब्लॉक की वोटर अधिकार यात्रा में मंगलवार को सांसद प्रियंका गांधी ने भी भाग लिया।
वोटर अधिकार यात्रा के 10वें दिन की यात्रा आज सुपौल से आरंभ हुई है। इस यात्रा को लेकर यहां के लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा में बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़े-बड़े झंडे लेकर शामिल हुए हैं। यह यात्रा झंझारपुर होते हुए दरभंगा तक पहुंचेगी।
प्रियंका गांधी के इस यात्रा में सम्मिलित होने से कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। बिहार कांग्रेस ने आज की वोटर अधिकार यात्रा का एक वीडियो जारी करते हुए एक्स पर लिखा, "सुपौल में बन गया माहौल। वोट चोर — गद्दी छोड़।"
वास्तव में, बिहार में निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर के तहत 65 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम काटे जाने के खिलाफ इंडिया ब्लॉक द्वारा यह यात्रा निकाली गई है। इसमें गठबंधन में शामिल राजद के नेता तेजस्वी यादव सहित बिहार के सभी घटक दलों के नेता शामिल हो रहे हैं। आज इस यात्रा के दसवें दिन की शुरुआत सुपौल जिले से हुई है।
कल यानी सोमवार को इस यात्रा को ब्रेक दिया गया था। इस वर्ष बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाला है। इस यात्रा के माध्यम से विपक्षी दल के गठबंधन के लोग लोगों के बीच पहुंच रहे हैं और उन्हें अपनी बात कह रहे हैं। राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा 17 अगस्त को बिहार के सासाराम से शुरू हुई है। इस यात्रा में इंडिया ब्लॉक में शामिल राजद के नेता तेजस्वी यादव सहित घटक दलों के सभी नेता भी शामिल हैं।
16 दिन की यह यात्रा लगभग 20 जिलों से होकर गुजरेगी और 1,300 किलोमीटर का सफर पूरा करेगी। एक सितंबर को पटना में बड़ी रैली के साथ यात्रा का समापन होगा। यह यात्रा अब तक औरंगाबाद, गया, शेखपुरा, कटिहार, पूर्णिया, मुंगेर, भागलपुर होते हुए सुपौल पहुंची है।