पुडुचेरी में बंपर मतदान, 5 बजे तक 86.92 प्रतिशत मतदाता पहुंचे
सारांश
Key Takeaways
- पुडुचेरी में मतदान का प्रतिशत 86.92 रहा।
- मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे समाप्त हुआ।
- कुल 9.5 लाख मतदाता वोट डालने के योग्य थे।
- महिला मतदाता पुरुषों की तुलना में अधिक थीं।
- सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी इंडिया गठबंधन के बीच मुख्य मुकाबला।
पुडुचेरी, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा के लिए गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान संपन्न हुआ। इस अवसर पर पुडुचेरी में नए रिकॉर्ड के साथ मतदान हुआ।
शाम 5 बजे तक मतदान की दर 86.92 प्रतिशत रही, जो कि 2006 में दर्ज 86 प्रतिशत के पिछले रिकॉर्ड को पार कर गई है।
यह 2021 के विधानसभा चुनाव में हुए 82.2 प्रतिशत मतदान से भी अधिक है, जिसे राजनीतिक जागरूकता और मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी का संकेत माना जा रहा है।
मतदान आधिकारिक रूप से शाम 6 बजे समाप्त हुआ, लेकिन कतार में खड़े मतदाताओं को टोकन सिस्टम के जरिए वोट डालने की अनुमति दी गई।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अंतिम मतदान प्रतिशत और भी बढ़ सकता है, क्योंकि कतार में खड़े लोगों को भी मतदान करने की अनुमति दी गई।
सभी निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और दिनभर शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहा। पुडुचेरी के साथ-साथ कराईकल, माहे और यानम क्षेत्रों में भी उत्साह के साथ मतदान हुआ। मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं, जो इस महत्वपूर्ण चुनाव में लोगों की भागीदारी को दर्शाती हैं।
कुल 9.5 लाख मतदाता वोट डालने के योग्य थे। इनमें 23 सीटें पुडुचेरी, 5 कराईकल, और माहे व यानम में एक-एक सीट शामिल हैं। महिला मतदाता 5.03 लाख थीं, जो पुरुष मतदाताओं (4.46 लाख) से अधिक रहीं।
प्रशासन ने 1,099 मतदान केंद्र बनाए थे, जिनमें से 209 को संवेदनशील माना गया और वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई।
इस चुनाव में कई दलों के बीच मुकाबला देखने को मिला, लेकिन मुख्य लड़ाई सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए, जिसका नेतृत्व ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस कर रही है और विपक्षी इंडिया गठबंधन (कांग्रेस, डीएमके और वीसीके) के बीच रही।
राजनीतिक समीकरणों में अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कजगम (टीवीके) की एंट्री ने भी मतदाताओं के बीच खास रुचि पैदा की।
रिकॉर्ड मतदान और कड़े मुकाबले के बीच, यह चुनाव पुडुचेरी के राजनीतिक भविष्य को तय करने वाला अहम जनादेश साबित हो सकता है।