क्या पंजाब का राजनीतिक माहौल बदल रहा है? भगवंत मान की सरकार अब नहीं चलेगी: तरुण चुघ
सारांश
Key Takeaways
- पंजाब का राजनीतिक माहौल बदल रहा है।
- भगवंत मान की सरकार पर उठ रहे सवाल।
- नशे की समस्या पर चिंता।
- भाजपा का आह्वान पंजाब के विकास के लिए।
- गुरुओं का अपमान और जनता की प्रतिक्रिया।
चंडीगढ़, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शहीदों की पवित्र भूमि श्री मुक्तसर साहिब में माघी मेले के दौरान बुधवार को भाजपा ने अपना राजनीतिक मंच सजाया। यह भाजपा की श्री मुक्तसर साहिब में पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस थी। सुबह से ही प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से समर्थक और कार्यकर्ता सम्मेलन स्थल पर एकत्रित हुए, और उनका उत्साह अद्भुत था।
राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब का मौसम बदल रहा है, और यह बदलाव केवल ऋतु का नहीं, बल्कि राजनीतिक बदलाव का भी संकेत है। उन्होंने कहा कि अब जनता ने यह तय कर लिया है कि अरविंद केजरीवाल के आशीर्वाद वाली भगवंत मान सरकार नहीं चलेगी।
चुघ ने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह गुरुओं का अपमान कर रही है, और जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जैसे आतिशी ने विधानसभा में गुरुओं के खिलाफ अपशब्द कहे, वैसे ही भगवंत मान लगातार गुरु घर के खिलाफ बोल रहे हैं, और इसका वीडियो चल रहा है। यह पंजाब की जनता के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।
वहीं, पंजाब भाजपा के अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कहा कि आज भाजपा के सभी नेता शहीदों की पवित्र धरती पर और श्री गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेकने आए हैं। उन्होंने पंजाब के विकास, खुशहाली, अमन और शांति की कामना की। उन्होंने कहा कि भाजपा पहली बार इस पवित्र भूमि पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही है और जनता से आह्वान किया है कि पंजाब में कानून का राज कायम हो, अमन-शांति बनी रहे और हर व्यक्ति का विकास हो।
अश्विनी शर्मा ने वर्तमान सरकार पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि आज पंजाब में कानून का राज नहीं है, बल्कि गुंडों का राज चल रहा है। नशे की समस्या बढ़ गई है। पंजाब सरकार ने नशा मुक्ति का नारा जरूर दिया, लेकिन नशा मुक्त पंजाब नहीं बना। उन्होंने कहा कि पहले रंगला पंजाब था, लेकिन अब यह रक्तरंजित और लहूलुहान पंजाब बन गया है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि इस पवित्र भूमि पर भाजपा की सरकार आए ताकि पंजाब में कानून का राज हो, नशा मुक्त पंजाब बने और विकास का रास्ता साफ हो।