क्या पंजाब के मुख्यमंत्री ने अमित शाह से मुलाकात में अहम मुद्दों पर चर्चा की?
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमित शाह से मुलाकात की।
- बैठक में संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हुई।
- बिना पंजाब की सहमति के बीज बिल लाए जाने पर आपत्ति।
- सतलुज-यमुना लिंक नहर का मुद्दा उठाया गया।
- एफसीआई में पंजाब कैडर के अधिकारी की नियुक्ति की मांग की गई।
नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस बैठक में पंजाब से जुड़े कई संवेदनशील और अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान सीमावर्ती क्षेत्र की समस्याओं, बीज बिल, जल विवाद, खाद्य सुरक्षा और किसानों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और इसकी अर्थव्यवस्था किसानों पर निर्भर है। इस संदर्भ में, उन्होंने संसद में बीज बिल लाए जाने पर गंभीर आपत्ति जताई, बिना पंजाब सरकार की सहमति के। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कृषि कानून या बीज से संबंधित विधेयक को लागू करने से पहले पंजाब जैसे कृषि राज्य की सहमति और सुझाव आवश्यक होना चाहिए।
बैठक में सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के मुद्दे को भी उठाया गया। इसके अलावा, फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) में जनरल मैनेजर (जीएम) के पद पर पंजाब कैडर के अधिकारी की नियुक्ति की मांग की गई।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मुलाकात की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, "आज दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी से मुलाकात की। इस दौरान तार पार सीमावर्ती क्षेत्र और बीज बिल सहित कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।"
उन्होंने आगे लिखा, "पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है, इसलिए बिना पंजाब से परामर्श किए संसद में बीज बिल ना लाए जाने का मुद्दा उठाया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब के पास अतिरिक्त पानी नहीं है, इसलिए एसवाईएल के मुद्दे को समाप्त किया जाए। एफसीआई में जीएम के पद पर पंजाब कैडर के ही अधिकारी की नियुक्ति की मांग की। इसके अलावा आरडीएफ के 8,500 करोड़ रुपए जारी करने, फूड एंड सिविल सप्लाई व स्टोरेज से जुड़े मामलों तथा तार पार सीमावर्ती क्षेत्र में किसानों को खेती के दौरान आ रही समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की बात रखी। गृह मंत्री साहब ने सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिया।