क्या अरविंद केजरीवाल ने आप कार्यकर्ताओं से पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की मदद करने की अपील की?
सारांश
मुख्य बातें
चंडीगढ़, 1 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब में बाढ़ ने विनाशकारी स्थिति उत्पन्न कर दी है, जिससे 10 जिलों पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ा है। इस बीच, आम आदमी पार्टी (आप) ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे राज्य में बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता करें।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आप विधायक जरनैल सिंह के सोशल मीडिया पोस्ट को साझा करते हुए कहा कि पंजाब के बाढ़ पीड़ितों की मदद कीजिए। आप कहीं से भी उन्हें सहायता भेज सकते हैं। आप के सभी कार्यकर्ताओं से मेरी गुज़ारिश है कि वे इस घातक त्रासदी में दिल खोलकर मदद करें।
इससे पहले, तिलक नगर सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह ने 'एक्स' पर लिखा कि पंजाब के बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए आगे आएं। 'पंजाब मुख्यमंत्री बाढ़ राहत कोष' में आपका छोटा सा योगदान भी हजारों जिंदगियों का सहारा बन सकता है। उन्होंने बैंक विवरण भी साझा किए।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य के लिए राहत की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब इस समय कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा है, इसलिए केंद्र सरकार को पंजाब का रुका हुआ 60,000 करोड़ रुपए का फंड जारी करना चाहिए।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लिखा कि पंजाब इस समय दशकों में सबसे बड़ी आपदाओं में से एक से जूझ रहा है, जिसका प्रभाव लगभग 1000 गांवों और लाखों लोगों पर पड़ा है। भारी बारिश और बांधों से पानी छोड़ने के कारण 7 जिलों जैसे गुरदासपुर, कपूरथला, अमृतसर, पठानकोट, फिरोजपुर, फाजिल्का और होशियारपुर में भीषण बाढ़ आई है। स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में लगभग 3 लाख एकड़ कृषि भूमि, खासकर धान के खेत, बाढ़ में डूबे हुए हैं। कटाई से कुछ हफ्ते पहले ही फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। इसके अलावा, बाढ़ से पशुधन को भी व्यापक क्षति पहुंची है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू होने और वैट व्यवस्था से हटने के कारण राज्य को 49,727 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में केंद्र सरकार ने पंजाब में 828 करोड़ रुपए की PMGSY परियोजनाओं को रद्द कर दिया है। इससे राज्य की ग्रामीण कनेक्टिविटी प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने पत्र में लिखा, "पंजाब बाढ़ की भीषण परिस्थितियों का सामना कर रहा है। आपसे निवेदन है कि भारत सरकार अटकी पड़ी धनराशि को जारी करे।" भगवंत मान ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि मुआवजा राशि को प्रति एकड़ 50,000 रुपए तक बढ़ाने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के मुआवजा नियमों में तुरंत संशोधन किया जाए।