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क्या पंजाब में धान की खरीद में तेजी आ रही है? 100 लाख मीट्रिक टन आमद पार, किसानों को 21,000 करोड़ का भुगतान

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क्या पंजाब में धान की खरीद में तेजी आ रही है? 100 लाख मीट्रिक टन आमद पार, किसानों को 21,000 करोड़ का भुगतान

सारांश

पंजाब की धान खरीद ने एक नया मील का पत्थर पार किया है, जहां 100 लाख मीट्रिक टन की आमद हुई है। किसानों को 21,000 करोड़ का भुगतान और बाढ़ के बावजूद खरीद में तेजी ने उत्साह को बढ़ाया है। जानिए इस उपलब्धि के पीछे की रणनीतियाँ।

मुख्य बातें

पंजाब में धान खरीद 100 लाख मीट्रिक टन पार कर गई है।
किसानों को 21,000 करोड़ का भुगतान किया गया है।
लिफ्टिंग में 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल हुआ है।
सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी खरीद प्रक्रिया को सुचारू रखा है।
खरीद प्रक्रिया की निगरानी सीएम मान कर रहे हैं।

चंडीगढ़, 29 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब की मंडियों में धान की आमद 100 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) को पार कर चुकी है, जिसमें से 97 एलएमटी से अधिक फसल की खरीद पूरी की जा चुकी है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक ने बताया कि किसानों के खातों में 21,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। खरीदी गई फसल में से 77 एलएमटी से अधिक की लिफ्टिंग भी हो चुकी है, जिससे मंडियों में जगह बनी रही है।

मंत्री कटारूचक ने कहा, "मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने मंडियों में पूर्ण प्रबंध किए हैं, ताकि किसान, आढ़ती और मजदूर किसी परेशानी से न जूझें।" इस वर्ष खरीफ विपणन सीजन (केएमएस 2025-26) में धान की खरीद 1 अक्टूबर से शुरू हुई थी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के बावजूद, राज्य ने 1,822 नोटिफाइड खरीद केंद्रों पर सुचारू व्यवस्था बनाई है। सीएम मान खुद खरीद प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं और 'हर दाना खरीदने' का वादा किया है।

पिछले वर्षों की तुलना में इस सीजन में खरीद की गति उल्लेखनीय है। सितंबर में भारी बारिश और बाढ़ से 5 लाख एकड़ फसल प्रभावित हुई थी, लेकिन छोटी अवधि वाली धान किस्मों ने उत्पादन को 175 एलएमटी तक पहुंचाने में मदद की। पटियाला जिला खरीद में अग्रणी है, जबकि बाढ़ प्रभावित तरन तारन दूसरे स्थान पर है। अब तक 4,32,458 से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिला है। एमएसपी ग्रेड ए धान के लिए 2,320 रुपए प्रति क्विंटल है।

21,000 करोड़ रुपए का ट्रांसफर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए किया गया है, जो किसानों का विश्वास बढ़ा रहा है। किसानों को भुगतान में कोई देरी नहीं हो रही है। लिफ्टिंग में भी 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल हो चुका है। जून में सरकार ने 4 मिलियन मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता बनाने का लक्ष्य रखा था, जो दिसंबर 2025 तक पूरा होगा। पनग्रेन, मार्कफेड और पनसुप जैसी एजेंसियां सक्रिय हैं। उदाहरण के लिए, लुधियाना जिले में पनग्रेन ने 2,99,045 एमटी धान खरीदा और 2,58,772 एमटी लिफ्ट किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

किसानों के लिए आर्थिक प्रगति और सरकार की योजनाओं का सकारात्मक परिणाम है। यह स्पष्ट है कि जब सरकार और किसान एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो सफलता की कहानी लिखी जा सकती है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब में धान की खरीद कब शुरू हुई?
धान की खरीद 1 अक्टूबर से शुरू हुई थी।
किसानों को कितने पैसे का भुगतान किया गया है?
किसानों के खातों में 21,000 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है।
क्या धान की लिफ्टिंग में कोई समस्या आई?
लिफ्टिंग में 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल हो चुका है।
बाढ़ का धान की फसल पर क्या असर पड़ा?
बाढ़ से 5 लाख एकड़ फसल प्रभावित हुई थी, लेकिन छोटी अवधि वाली किस्मों ने उत्पादन को 175 एलएमटी तक पहुँचाया।
क्या सरकार ने भंडारण क्षमता बढ़ाने का कोई कदम उठाया है?
सरकार ने 4 मिलियन मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता बनाने का लक्ष्य रखा है।
राष्ट्र प्रेस
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