क्या गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पंजाब पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की?
सारांश
Key Takeaways
- गणतंत्र दिवस के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
- संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया गया।
- पंजाब पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।
चंडीगढ़, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पंजाब पुलिस ने राज्यभर में फ्लैग मार्च निकालकर सुरक्षा को और भी मजबूत किया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर, पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में इस अभियान को चलाया, ताकि २६ जनवरी को सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुरक्षित रह सकें।
पंजाब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने पुलिस आयुक्तों (सीपी), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) और स्टेशन हाउस अधिकारियों (एसएचओ) को सख्त निर्देश दिए कि वे गणतंत्र दिवस समारोह समाप्त होने तक फील्ड में रहें और पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें। विशेष पुलिस महानिदेशक (स्पेशल डीजीपी) कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने बताया कि सीपी और एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने जिलों के संवेदनशील और कमजोर क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया। इस अभियान का उद्देश्य जनता में विश्वास बढ़ाना और पुलिस को किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार रखना था।
शुक्ला ने कहा, "राज्य भर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही बढ़ा दी गई है। गणतंत्र दिवस के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए २० हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।"
उन्होंने बताया कि एसपी-रैंक के अधिकारियों की निगरानी में भीड़-भाड़ वाली जगहों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार, शॉपिंग मॉल और सार्वजनिक पार्कों पर विशेष घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) चलाया गया। पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया कि तलाशी के दौरान हर व्यक्ति के साथ विनम्र और दोस्ताना व्यवहार करें।
इस बीच, पंजाब पुलिस ने 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान को जारी रखा। अभियान के ३३०वें दिन रविवार को ५० ड्रग तस्कर गिरफ्तार किए गए। उनके पास से १५० ग्राम हेरोइन और ३७६ नशीली गोलियां/कैप्सूल बरामद हुए। अब तक इस मुहिम में कुल ४६,४४३ ड्रग तस्कर पकड़े जा चुके हैं। नशा मुक्ति प्रयासों में पुलिस ने आठ लोगों को नशा मुक्ति और पुनर्वास इलाज के लिए तैयार किया।
पंजाब में गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय सतर्कता बरती जा रही है। राज्य सरकार और पुलिस ने असामाजिक तत्वों, ड्रग तस्करी और किसी भी संभावित खतरे पर नजर रखी हुई है। फ्लैग मार्च और सीएएसओ जैसे कदमों से पुलिस की तैयारियों का अंदाजा लगता है।