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क्या एससीओ समिट से पहले पुतिन ने रूस-चीन संबंधों को सबसे बेहतर बताया?

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क्या एससीओ समिट से पहले पुतिन ने रूस-चीन संबंधों को सबसे बेहतर बताया?

सारांश

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने शंघाई सहयोग संगठन समिट से पहले एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने चीन और रूस के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ब्रिक्स को मजबूत करने की बात की है। क्या ये संबंध वैश्विक अर्थव्यवस्था में बदलाव लाएंगे?

मुख्य बातें

चीन और रूस मिलकर ब्रिक्स को मजबूत कर रहे हैं।
रूस ने आईएमएफ और विश्व बैंक में सुधार का समर्थन किया।
दोनों देशों के बीच व्यापार में 100 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है।
पुतिन ने नव-उपनिवेशवाद की आलोचना की।
एससीओ समिट सदस्य देशों को नई ताकत देगी।

तिनयाजिन, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने शंघाई सहयोग संगठन समिट से पहले एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चीन और रूस मिलकर ब्रिक्स को मजबूत करने और दुनिया को 'नए विकल्प' प्रदान करने के लिए काम कर रहे हैं।

पुतिन ने सिन्हुआ एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि रूस ब्रिक्स के तहत चीन के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। दोनों पक्ष सदस्य देशों के लिए आर्थिक अवसरों का विस्तार करने के उद्देश्य से पहलें आगे बढ़ा रहे हैं, जिसमें रणनीतिक क्षेत्रों में साझेदारी के लिए साझा मंचों का निर्माण भी शामिल है।

रूसी राष्ट्रपति ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक में सुधार को पूरी तरह से समर्थन देने का आश्वासन दिया और "सच्ची समानता" और सभी देशों के लिए समान पहुंच पर आधारित एक "नई वित्तीय प्रणाली" की मांग की। उन्होंने वित्तीय साधनों के उपयोग को "नव-उपनिवेशवाद" का एक रूप बताते हुए इसकी आलोचना की और कहा कि ब्रिक्स "वैश्विक बहुमत" को लाभ पहुंचाने वाली समावेशी प्रगति चाहता है।

उन्होंने कहा कि दोनों देश महत्वपूर्ण बुनियादी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने पर खास ध्यान दे रहे हैं और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए ब्रिक्स की क्षमता को मजबूत करने के लिए एकजुट हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि वे ब्रिक्स के सदस्यों और विश्व के सामाजिक-आर्थिक विकास में बाधा डालने वाले भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों के खिलाफ एक समान दृष्टिकोण रखते हैं।

पुतिन ने चीन-रूस के संबंधों को अत्यधिक महत्वपूर्ण बताया और कहा कि 2021 से दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 100 अरब डॉलर बढ़ चुका है। चीन अब रूस का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। उन्होंने बताया कि अब अधिकांश लेन-देन रुबल और युआन में होता है और चीन, रूस से तेल और गैस का सबसे बड़ा खरीदार है। दोनों देश मिलकर व्यापार की बाधाओं को कम करने के प्रयास में हैं।

पुतिन को उम्मीद है कि इस बार की समिट एससीओ को नई ताकत प्रदान करेगी, ताकि सदस्य देश मौजूदा खतरों और चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकें।

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के तियानजिन शिखर सम्मेलन और बीजिंग में चीन के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने के लिए अपनी चीन यात्रा की पूर्व संध्या पर सिन्हुआ को दिए लिखित साक्षात्कार में, पुतिन ने कहा कि अपनी यात्रा के दौरान, वह महान विजय की 80वीं वर्षगांठ मनाने में चीनी पक्ष के साथ शामिल होंगे और रूस और चीन के लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग की नई संभावनाओं और उपायों पर गहन चर्चा करेंगे।

पुतिन ने उम्मीद जताई कि इस बार की समिट एससीओ को नई ताकत देगी, ताकि सदस्य देश मौजूदा खतरों और चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकें।

रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि शी की यात्रा का "रूसी-चीनी संबंधों के आगे विकास के लिए गहरा प्रतीकात्मक महत्व" था। "हमने अच्छे पड़ोसी, दोस्ती और पुराने, पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग की परंपराओं को मजबूत करने के पक्ष में अपने लोगों की रणनीतिक पसंद की पुष्टि की।"

उन्होंने कहा कि वह द्विपक्षीय एजेंडे के सभी पहलुओं पर शी जिनपिंग के साथ गहन चर्चा और महत्वपूर्ण क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान के लिए उत्सुक हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसका लक्ष्य वैश्विक अर्थव्यवस्था में नए विकल्प प्रदान करना है। यह सहयोग विभिन्न देशों के लिए नई आर्थिक संभावनाएं उत्पन्न कर सकता है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुतिन ने चीन के साथ किस विषय पर चर्चा की?
पुतिन ने चीन के साथ ब्रिक्स को मजबूत करने, आर्थिक अवसरों का विस्तार करने और नए वित्तीय ढांचे पर चर्चा की।
ब्रिक्स का उद्देश्य क्या है?
ब्रिक्स का उद्देश्य वैश्विक बहुमत को लाभ पहुंचाने वाली समावेशी प्रगति करना है।
रूस और चीन का व्यापार कितना बढ़ा है?
रूस और चीन के बीच व्यापार लगभग 100 अरब डॉलर बढ़ चुका है।
एससीओ समिट का महत्व क्या है?
एससीओ समिट सदस्य देशों के लिए मौजूदा खतरों और चुनौतियों का बेहतर सामना करने का अवसर प्रदान करता है।
पुतिन ने किस नई वित्तीय प्रणाली की बात की?
पुतिन ने 'सच्ची समानता' और सभी देशों के लिए समान पहुंच पर आधारित एक नई वित्तीय प्रणाली की आवश्यकता जताई।
राष्ट्र प्रेस
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