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झांसी की प्रतिभा ने चितेरी लोक कला से किया आत्मनिर्भरता का निर्माण

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झांसी की प्रतिभा ने चितेरी लोक कला से किया आत्मनिर्भरता का निर्माण

सारांश

झांसी की प्रतिभा डोंगरे ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत चितेरी लोक कला को व्यवसाय में तब्दील कर एक नया उदाहरण पेश किया है। उनकी मेहनत ने २५ महिलाओं को रोजगार दिया और बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत को नया आकार दिया है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का महत्व चितेरी लोक कला का व्यवसायीकरण महिला सशक्तीकरण का उदाहरण आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत को नया आकार

लखनऊ, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश का युवा योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के तहत उद्यमिता के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। यह योजना आत्मनिर्भरता, नवाचार और स्वरोजगार को बढ़ावा देते हुए युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी योजना की सहायता से झांसी की प्रतिभा डोंगरे ने बुंदेलखंड की पारंपरिक चितेरी लोक कला को एक नया मोड़ देकर उसे बाजार से जोड़ने का कार्य किया है।

प्रतिभा ने बताया कि उन्होंने फाइन आर्ट्स में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। वे कॉलेज के दिनों से ही कला के प्रति जुनूनी थीं। गांवों में दरवाजों और खिड़कियों पर देवी-देवताओं की आकृतियों की इस परंपरा को जूट बैग और उपहार वस्तुओं पर उतारकर उन्होंने अपना उद्यम स्थापित किया है। वे जूट के उत्पाद बनाती हैं, जिनमें जूट बैग, उपहार वस्तुएं, गमछे, मेमोरियल और मेडल जैसे आइटम शामिल हैं। पहले यह कला केवल दीवारों तक सीमित थी, अब इस स्थानीय कला को न केवल पहचान मिल रही है बल्कि बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत को भी नया रूप मिला है।

प्रतिभा ने बताया कि उन्हें झांसी के राइज इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़ने के बाद ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के बारे में जानकारी मिली। इस योजना का लाभ लेते हुए उन्हें एक महीने में ४.५ लाख रुपए का ब्याजमुक्त ऋण मिला। उन्होंने मशीनें खरीदीं और ‘रचनात्मक ऑर्टस’ के नाम से एक छोटे व्यवसाय की शुरुआत की। आज उन्होंने २५ महिलाओं को जोड़ा है और एक बड़े व्यवसाय का रूप दिया है। कुछ महिलाएं यूनिट में आकर काम करती हैं, जबकि कई महिलाएं घर से कच्चा माल लेकर काम करती हैं। तैयार उत्पादों को बाजार में बेचने के लिए भेजा जाता है।

उन्होंने बताया कि उनके जूट बैग और अन्य उत्पाद विद्यालयों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों और कॉर्पोरेट कार्यक्रमों में भी उपयोग किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा योजना’ से प्रतिभा के उद्यम को केवल एक नई गति मिली है, बल्कि उनके साथ २५ महिलाओं को भी रोजगार मिला है। इससे वे हर महीने लाखों की कमाई कर रही हैं। प्रतिभा ने योगी सरकार के संकल्प ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ को साकार करते हुए महिला सशक्तीकरण की भी मिसाल पेश की है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रतिभा डोंगरे ने किस योजना का लाभ उठाया?
प्रतिभा डोंगरे ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का लाभ उठाया।
प्रतिभा ने कौन सी पारंपरिक कला को व्यवसाय में बदला?
प्रतिभा ने बुंदेलखंड की चितेरी लोक कला को व्यवसाय में बदला।
प्रतिभा का व्यवसाय क्या है?
प्रतिभा जूट बैग और अन्य उपहार वस्तुएं बनाती हैं।
प्रतिभा ने कितनी महिलाओं को रोजगार दिया?
प्रतिभा ने २५ महिलाओं को रोजगार दिया है।
प्रतिभा की कला का उपयोग कहाँ हो रहा है?
उनकी कला का उपयोग विद्यालयों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों और कॉर्पोरेट कार्यक्रमों में हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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