क्या राहुल गांधी वास्तव में लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा हैं?

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क्या राहुल गांधी वास्तव में लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा हैं?

सारांश

कर्नाटक सरकार के सर्वेक्षण ने राहुल गांधी के दावों को चुनौती दी है, जिसमें ईवीएम पर 83 प्रतिशत लोगों ने भरोसा जताया है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे राहुल गांधी के लिए एक बड़ा झटका बताया है। क्या यह उनके राजनीतिक करियर के लिए गंभीर संकेत है?

Key Takeaways

  • राहुल गांधी के दावे पर सवाल उठाया गया है।
  • कर्नाटक सरकार के सर्वेक्षण ने ईवीएम पर विश्वास को दर्शाया है।
  • भाजपा ने राहुल गांधी को प्रोपेगेंडा का नेता बताया है।
  • बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न की निंदा की गई है।
  • सीएए का उद्देश्य प्रताड़ित नागरिकों को शरण देना है।

नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ईवीएम के संबंध में कर्नाटक सरकार के सर्वेक्षण के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कटाक्ष किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी अब 'लीडर ऑफ अपोजिशन' नहीं, बल्कि 'लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा' बन गए हैं।

कर्नाटक सरकार के हालिया सर्वे में लगभग 83 प्रतिशत नागरिकों ने ईवीएम पर भरोसा जताया है। इस पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, "राहुल गांधी इन मुद्दों (ईवीएम और वोट चोरी) पर मजाक बन गए हैं। वह चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ विदेशों में भी बोलते रहते हैं। जब चुनाव हारते हैं, तो बस ईवीएम पर आरोप लगाते हैं। उनकी अपनी सरकार ने ही उनके दावों की सच्चाई को उजागर किया है।"

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में पूनावाला ने कहा, "कर्नाटक सरकार के द्वारा प्रकाशित सर्वे में लगभग 83 प्रतिशत लोगों ने माना है कि ईवीएम सही ढंग से काम कर रही है और चुनाव आयोग स्वतंत्र व निष्पक्ष है।" उन्होंने सवाल किया कि अपनी हार का ठीकरा कब तक दूसरों पर फोड़ा जाएगा।

भाजपा प्रवक्ता ने कटाक्ष करते हुए कहा कि धूल चेहरे पर थी और कांग्रेस केवल आईना साफ कर रही थी। उन्होंने कहा, "उमर अब्दुल्ला और सुप्रिया सुले ने उनका (राहुल गांधी) फैक्ट चेक कर लिया है। 95 चुनाव हारने के बाद जनता ने भी राहुल गांधी को जवाब दिया है। हरियाणा से महाराष्ट्र तक कांग्रेस के साथियों ने खुद कहा कि हार का कारण 'वोट चोरी' नहीं, बल्कि 'टिकट चोरी' है। अब कर्नाटक सरकार ने अपने सर्वे से राहुल गांधी के हाइड्रोजन बम को डिफ्यूज कर दिया है।"

इसी बीच, शहजाद पूनावाला ने बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, "भारत सरकार ने सीएए कानून इसी वजह से लागू किया था कि प्रताड़ित हो रहे दूसरे देशों के नागरिकों को शरण दी जा सके। जिन लोगों ने सीएए का विरोध किया और गाजा के लिए भागते हैं, वे बांग्लादेश की घटनाओं पर आंखें बंद करके बैठे हैं। इस्लामिक जिहादियों की रक्षा करने की कोशिश करने वालों को आज माफी मांगनी चाहिए।"

Point of View

यह स्पष्ट है कि राहुल गांधी की राजनीतिक यात्रा में यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है। कर्नाटक सरकार का सर्वेक्षण उनकी छवि को प्रभावित कर सकता है। यह जनता की राय का परिचायक है और उनके भविष्य की रणनीतियों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।
NationPress
02/01/2026

Frequently Asked Questions

कर्नाटक सरकार के सर्वे में ईवीएम पर कितना भरोसा जताया गया?
कर्नाटक सरकार के सर्वे में लगभग 83 प्रतिशत नागरिकों ने ईवीएम पर भरोसा जताया है।
राहुल गांधी के आरोपों का क्या जवाब दिया गया?
शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी के दावे अब मजाक बन गए हैं और उनकी अपनी सरकार ने उनके आरोपों की सच्चाई को उजागर किया है।
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