निशिकांत दुबे का राहुल गांधी पर हमला: संसद में भाषण या जादू शो?
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नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। संसद के विशेष सत्र में शुक्रवार को महिला आरक्षण और परिसीमन सहित तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर मतदान होना है। केंद्र सरकार ने इन विधेयकों को पारित कराने के लिए विशेष सत्र आयोजित किया है, जिससे राजनीतिक वातावरण गर्माता जा रहा है। जहां सरकार इन विधेयकों को ऐतिहासिक बता रही है, वहीं विपक्ष इनके समय और उद्देश्य पर सवाल उठा रहा है। पिछले दिन लोकसभा में इस मुद्दे पर गरमागरम बहस हुई थी और अब सभी की निगाहें आज होने वाली मतदान पर हैं।
इस बीच, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्ष पर तीखा हमला किया है। उन्होंने राहुल गांधी के लोकसभा में दिए गए भाषण को 'जादू शो' बताया और कहा कि समझना मुश्किल है कि वह संसद में भाषण दे रहे थे या कोई प्रदर्शन कर रहे थे।
राहुल गांधी के भाषण पर कटाक्ष करते हुए निशिकांत दुबे ने कहा, "हम यहाँ रात डेढ़ बजे तक लगातार बैठे थे। आज जब मैं यहाँ आया तो मुझे लगा कि लीडर ऑफ अपोजिशन से माताओं-बहनों के बारे में सुनने को मिलेगा। लेकिन मुझे लगा कि मैंने जैसे माइकल जैक्सन का डांस देख लिया।"
उन्होंने आगे कहा कि देश के सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों में टाटा परिवार का नाम सबसे ऊपर आता है और राहुल गांधी को यह तक जानकारी नहीं है कि टाटा परिवार अल्पसंख्यक वर्ग में आता है। इसके साथ ही उन्होंने वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का जिक्र करते हुए कहा कि वे ओबीसी वर्ग से आते हैं।
जातिगत जनगणना के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले इस तरह की जनगणना के खिलाफ रही है। उन्होंने सोनिया गांधी और पी चिदंबरम के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं ने पहले कहा था कि जातिगत जनगणना संविधान के दायरे में नहीं है और इससे देश में विभाजन हो सकता है। 2011 में सोनिया गांधी, चिदंबरम, प्रणव मुखर्जी और मनमोहन सिंह ने इस प्रक्रिया का विरोध किया था।
उन्होंने आगे कहा कि मुलायम सिंह यादव और लालू प्रसाद यादव के प्रयासों से जातिगत जनगणना तो कराई गई, लेकिन उसका डेटा सार्वजनिक नहीं किया गया। लेकिन, हमारी सरकार जातिगत जनगणना कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके परिणाम अगले एक-दो वर्षों में सामने आ सकते हैं।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि आप डिलिमिटेशन की बात कर रहे हैं? यदि महिला आरक्षण एक्ट 2023, जैसा कि सरकार ने नोटिफाई किया है, लागू होता है, तो हम इसे कल से 543 सीटों के आधार पर लागू करने के लिए तैयार हैं। दक्षिणी राज्यों में सीटें कम होने के लिए कौन जिम्मेदार होगा? वे सीटों का नुकसान उठाएंगे और इसके लिए राहुल गांधी जिम्मेदार होंगे।