निशिकांत दुबे का राहुल गांधी पर हमला: संसद में भाषण या जादू शो?

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निशिकांत दुबे का राहुल गांधी पर हमला: संसद में भाषण या जादू शो?

सारांश

संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन पर मतदान की तैयारी है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के भाषण को 'जादू शो' बताया। इस मुद्दे पर राजनीतिक गर्मागर्मी बढ़ गई है। जानें पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • महिला आरक्षण और परिसीमन पर वोटिंग आज होगी।
  • निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के भाषण को 'जादू शो' कहा।
  • जातिगत जनगणना पर कांग्रेस के पुराने बयानों का हवाला दिया गया।
  • सरकार जातिगत जनगणना कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
  • महिला आरक्षण एक्ट 2023 लागू होने पर राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। संसद के विशेष सत्र में शुक्रवार को महिला आरक्षण और परिसीमन सहित तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर मतदान होना है। केंद्र सरकार ने इन विधेयकों को पारित कराने के लिए विशेष सत्र आयोजित किया है, जिससे राजनीतिक वातावरण गर्माता जा रहा है। जहां सरकार इन विधेयकों को ऐतिहासिक बता रही है, वहीं विपक्ष इनके समय और उद्देश्य पर सवाल उठा रहा है। पिछले दिन लोकसभा में इस मुद्दे पर गरमागरम बहस हुई थी और अब सभी की निगाहें आज होने वाली मतदान पर हैं।

इस बीच, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्ष पर तीखा हमला किया है। उन्होंने राहुल गांधी के लोकसभा में दिए गए भाषण को 'जादू शो' बताया और कहा कि समझना मुश्किल है कि वह संसद में भाषण दे रहे थे या कोई प्रदर्शन कर रहे थे।

राहुल गांधी के भाषण पर कटाक्ष करते हुए निशिकांत दुबे ने कहा, "हम यहाँ रात डेढ़ बजे तक लगातार बैठे थे। आज जब मैं यहाँ आया तो मुझे लगा कि लीडर ऑफ अपोजिशन से माताओं-बहनों के बारे में सुनने को मिलेगा। लेकिन मुझे लगा कि मैंने जैसे माइकल जैक्सन का डांस देख लिया।"

उन्होंने आगे कहा कि देश के सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों में टाटा परिवार का नाम सबसे ऊपर आता है और राहुल गांधी को यह तक जानकारी नहीं है कि टाटा परिवार अल्पसंख्यक वर्ग में आता है। इसके साथ ही उन्होंने वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का जिक्र करते हुए कहा कि वे ओबीसी वर्ग से आते हैं।

जातिगत जनगणना के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले इस तरह की जनगणना के खिलाफ रही है। उन्होंने सोनिया गांधी और पी चिदंबरम के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं ने पहले कहा था कि जातिगत जनगणना संविधान के दायरे में नहीं है और इससे देश में विभाजन हो सकता है। 2011 में सोनिया गांधी, चिदंबरम, प्रणव मुखर्जी और मनमोहन सिंह ने इस प्रक्रिया का विरोध किया था।

उन्होंने आगे कहा कि मुलायम सिंह यादव और लालू प्रसाद यादव के प्रयासों से जातिगत जनगणना तो कराई गई, लेकिन उसका डेटा सार्वजनिक नहीं किया गया। लेकिन, हमारी सरकार जातिगत जनगणना कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके परिणाम अगले एक-दो वर्षों में सामने आ सकते हैं।

महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि आप डिलिमिटेशन की बात कर रहे हैं? यदि महिला आरक्षण एक्ट 2023, जैसा कि सरकार ने नोटिफाई किया है, लागू होता है, तो हम इसे कल से 543 सीटों के आधार पर लागू करने के लिए तैयार हैं। दक्षिणी राज्यों में सीटें कम होने के लिए कौन जिम्मेदार होगा? वे सीटों का नुकसान उठाएंगे और इसके लिए राहुल गांधी जिम्मेदार होंगे।

Point of View

जिसमें एक ओर सरकार ऐतिहासिक विधेयकों को पारित कराने की कोशिश कर रही है, वहीं विपक्ष उनकी मंशा पर सवाल उठा रहा है। इस मामले में राजनीतिक दलों के बीच की तकरार देश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक महिलाओं को संसद और राज्य विधानसभाओं में सीटों का एक निश्चित प्रतिशत आवंटित करने का प्रावधान करता है।
राहुल गांधी का भाषण क्यों विवाद में है?
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के भाषण को जादू शो करार देकर उनकी गंभीरता पर सवाल उठाया।
जातिगत जनगणना का महत्व क्या है?
जातिगत जनगणना से विभिन्न जातियों के सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आंकलन किया जा सकता है, जिससे नीतिगत निर्णय लेने में मदद मिलती है।
कांग्रेस ने जातिगत जनगणना का विरोध क्यों किया?
कांग्रेस ने पहले जातिगत जनगणना को संविधान के दायरे में नहीं मानते हुए इससे देश में विभाजन की आशंका जताई थी।
परिसीमन का क्या अर्थ है?
परिसीमन का अर्थ है निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण।
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