क्या राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से करना सही है?
सारांश
Key Takeaways
- नाना पटोले ने राहुल गांधी की भगवान राम से तुलना की है।
- तारिक अनवर ने बयान का समर्थन किया है।
- राजनीति में धार्मिक प्रतीकों का उपयोग एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता नाना पटोले द्वारा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की भगवान राम से तुलना करने पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस विवादास्पद टिप्पणी का समर्थन करते हुए तारिक अनवर ने कहा कि इस बयान में कोई भी अपमानजनक तत्व नहीं है।
तारिक अनवर ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से चर्चा करते हुए कहा, "राम ने रावण की लंका को नष्ट किया था। उसी प्रकार राहुल गांधी भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। इसलिए मुझे लगता है कि नाना पटोले के बयान में कुछ भी अपमानजनक नहीं है।"
दिल्ली कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भी नाना पटोले के बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि राहुल गांधी भगवान श्री राम की तरह कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी देश की एकता और अखंडता के लिए इस संविधान को मजबूत करने में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं और हम उनके बताए मार्ग पर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं।"
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने पहले कहा था, "भगवान राम हर किसी के दिल और विचारों में होते हैं। शोषित और पीड़ित लोगों की सेवा करना और उन्हें न्याय दिलाना भगवान श्रीराम का कार्य था। आज वही कार्य राहुल गांधी कर रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "राहुल गांधी जब चाहेंगे, अयोध्या जाएंगे और राम लला का दर्शन करेंगे, क्योंकि राजीव गांधी ने ही रामलला के मंदिर का ताला खुलवाया था। भगवान श्रीराम का कार्य आज राहुल गांधी कर रहे हैं। मंदिर जाने वाले नेता केवल दिखावा करते हैं। राहुल गांधी उनकी तरह नहीं हैं।"
नाना पटोले ने यह भी कहा कि देश असुरक्षित है। उन्होंने बताया, "राहुल गांधी ने संसद में इस विषय पर कहा है कि चीन देश पर कब्जा करने के लिए निकला है।" इस टिप्पणी को पुलवामा हमले से संबंधित विवादास्पद बयान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता सनातन पांडे का बचाव करते हुए किया गया।