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क्या खालिदा जिया की विरासत कभी नहीं भरी जा सकती है?: पीएम मोदी

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क्या खालिदा जिया की विरासत कभी नहीं भरी जा सकती है?: पीएम मोदी

सारांश

खालिदा जिया के निधन पर पीएम मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी विरासत और विजन हमेशा जीवित रहेंगे। इस मौके पर उन्होंने बांग्लादेश के लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं भी प्रकट की। क्या खालिदा जिया की जगह कभी भरी जा सकेगी? जानिए इस लेख में।

मुख्य बातें

खालिदा जिया का निधन बांग्लादेश के लिए एक बड़ा नुकसान है।
पीएम मोदी ने उनके विजन और विरासत को हमेशा याद रखने की बात कही।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेतृत्व में उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
खालिदा जिया के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।

नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया का 30 दिसंबर 2025 को सुबह निधन हो गया। बेगम खालिदा जिया के जनाजे में शामिल होने के लिए भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर वहां पहुंचे थे। एस. जयशंकर ने जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शोक संदेश सौंपा। खत में पीएम मोदी ने खालिदा जिया के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि उनके जाने से जो खालीपन आया है, उसे भरा नहीं जा सकता।

बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि बेगम खालिदा जिया के जाने से एक ऐसा खालीपन उत्पन्न हुआ है जिसे भरना संभव नहीं है, लेकिन उनका विजन और विरासत हमेशा जीवित रहेगी।

चिट्ठी में लिखा है, "मुझे विश्वास है कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के आपके सक्षम नेतृत्व में उनके आदर्शों को आगे बढ़ाया जाएगा और भारत-बांग्लादेश के बीच गहरी और ऐतिहासिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए एक मार्गदर्शक प्रकाश के रूप में कार्य करेंगे।"

पीएम मोदी ने कहा कि उनकी संवेदनाएं बांग्लादेश के लोगों के साथ भी हैं, जिन्होंने अपने इतिहास में अद्भुत शक्ति और सम्मान प्रदर्शित किया है। उन्होंने लिखा, "मुझे यकीन है कि वे शांति और सद्भाव के साथ आगे बढ़ते हुए अपने साझा मूल्यों, लोकतांत्रिक परंपराओं और राष्ट्रीय एकता की गहरी भावना को बनाए रखेंगे।"

पीएम मोदी ने खालिदा जिया के साथ वर्ष 2015 में अपनी मुलाकात को याद करते हुए कहा, "वह एक अद्वितीय इरादे और विश्वास वाली नेता थीं और उन्हें बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री होने का गर्व प्राप्त था।"

पीएम मोदी ने कहा कि बांग्लादेश के विकास में खालिदा जिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बांग्लादेश के विकास और भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत करने में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "इस गहरे व्यक्तिगत नुकसान पर मेरी दिल से संवेदनाएं स्वीकार करें। उनकी आत्मा को शांति मिले।"

उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि वे तारिक रहमान और उनके परिवार को इस कठिन समय से उबरने की शक्ति और हिम्मत दें। उन्होंने कहा, "मैं आपके भविष्य के प्रयासों के लिए भी शुभकामनाएं देता हूं।"

31 दिसंबर को उन्हें उनके पति और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के कब्र के पास सुपुर्द-ए-खाक किया गया। बेगम जिया को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हुए। जिया के निधन के साथ ही बांग्लादेश में एक राजनीतिक युग का अंत हो गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि खालिदा जिया के निधन ने न केवल बांग्लादेश बल्कि पूरे क्षेत्र को प्रभावित किया है। उनकी विरासत और विचारों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है, जिससे बांग्लादेश और भारत के बीच संबंधों में मजबूती आए।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खालिदा जिया का निधन कब हुआ?
खालिदा जिया का निधन 30 दिसंबर 2025 को हुआ।
पीएम मोदी ने खालिदा जिया के बारे में क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा कि उनके जाने से एक ऐसा खालीपन आया है जिसे भरा नहीं जा सकता और उनकी विरासत हमेशा रहेगी।
खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में कौन शामिल हुआ?
उनके अंतिम संस्कार में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल हुए।
राष्ट्र प्रेस
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