क्या केरल में ऐसी सरकार देंगे जो जनता की समस्याओं का समाधान करेगी: राहुल गांधी?
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी ने बेरोजगारी के मुद्दे पर बात की।
- कांग्रेस पार्टी केरल के लोगों के लिए एक नई सरकार का वादा कर रही है।
- उन्होंने मनरेगा के महत्व को उजागर किया।
- आने वाले चुनावों में केरल की आवाज को सुनने का दावा किया।
कोच्चि, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कोच्चि में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की महापंचायत सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी केरल के लोगों को एक ऐसी सरकार देने जा रही है जो उनकी समस्याओं को सुनने के साथ-साथ उनका समाधान भी करेगी, और बेरोजगारी की समस्या का भी हल निकालेगी।
राहुल गांधी ने दिसंबर 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों में विजयी हुए कांग्रेस प्रतिनिधियों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि यह जनादेश शानदार जीत है और संविधान की रक्षा करना जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने का एक अनिवार्य हिस्सा है। राहुल गांधी ने कहा, "मैं 100 प्रतिशत निश्चितता के साथ कह सकता हूं कि कोई भी केरल की आवाज को चुप नहीं करा सकता। आगामी चुनाव यह साबित करेगा कि केरल जोर से बोलेगा।"
राहुल गांधी ने मनरेगा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अब एक राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है। केंद्र सरकार द्वारा इस योजना में किए गए बदलाव गरीबों के अधिकारों पर हमला हैं। उन्होंने कहा, "जिस तरह से इसे रद्द किया गया है, हम उससे सहमत नहीं हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि यूपीए सरकार ने मनरेगा को देश के गरीबों को न्यूनतम मजदूरी देने के लिए बनाया था, जिससे लाखों लोगों की जिंदगी में बदलाव आया। अब इसे खत्म किया जा रहा है क्योंकि केंद्र सरकार देश के मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी नहीं देना चाहती है। प्रधानमंत्री ने खुद लोकसभा में मनरेगा का मजाक उड़ाया था, लेकिन जब कोविड आया तो मनरेगा ने हमारे लोगों को बचाया।
राहुल गांधी ने कहा कि मुझे इस राज्य से सांसद बनने का सम्मान मिला है। पूरी विनम्रता के साथ मैं कह सकता हूं कि मैंने केरल के लोगों से बहुत कुछ सीखा है। मुझे दुख है कि हजारों युवा केरलवासी रोजगार की कमी के कारण विदेश जा रहे हैं।