क्या राहुल गांधी की ट्रेनिंग होनी चाहिए?
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी को विदेशी ट्रेनिंग पर भेजने की बात की गई।
- भाजपा की अनुशासन प्रणाली का जिक्र।
- बांग्लादेश में स्थिति की गंभीरता।
- कांग्रेस पार्टी के आंतरिक मुद्दों पर प्रकाश डाला गया।
नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के दौरे पर तंज कसते हुए भाजपा नेता अजय आलोक ने कहा कि उनकी ट्रेनिंग होना आवश्यक है।
नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में भाजपा नेता अजय आलोक ने कहा कि राहुल गांधी जब पार्टी का विस्तार कर रहे होते हैं, तो वे खुद ट्रेनिंग के लिए कभी मलेशिया तो कभी जर्मनी चले जाते हैं। वहां से ऐसी ट्रेनिंगराहुल गांधी की ट्रेनिंग होना जरूरी है।
पीएम मोदी द्वारा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को बॉस बताए जाने पर अजय आलोक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद सबसे बड़ा होता है और पार्टी में हर कोई उनके मार्गदर्शन में काम करता है, चाहे वह प्रधानमंत्री हों, मुख्यमंत्री हों या कोई अन्य नेता। भाजपा एक बहुत ही व्यवस्थित और अनुशासित पार्टी है, जिसका कैडर भी अत्यधिक अनुशासित है। नितिन नबीन ऊर्जा से ओत-प्रोत हैं। उनके मार्गदर्शन में भाजपा आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुझे पूरी उम्मीद है कि वे अपने नेतृत्व में पार्टी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि हमारे यहां कोई छुट्टी नहीं होती, कोई हनीमून पीरियड नहीं होता। नितिन नबीन जब से कार्यकारी अध्यक्ष बने हैं, तभी से वे वर्क मोड में आ चुके हैं।
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा नेता ने कहा कि इस पार्टी को कौन पूछता है? जिंदगी भर कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष के पद के लिए ही टूटती रही है। इस पार्टी में तो गांधी परिवार से ही अध्यक्ष बनते हैं। अभी तो वर्तमान में खड़गे हैं, जिनका हाईकमान कहीं और रहता है। कांग्रेस पार्टी हमें क्या ज्ञान देगी?
बीएमसी मेयर पद को लेकर उन्होंने कहा कि मेयर पद को लेकर कोई खटपट नहीं है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दावोस गए हुए हैं। उनके भारत लौटने के बाद बैठक होगी। सब कुछ आराम से हो जाएगा। एनडीए महायुति में कभी कोई झगड़ा हुआ ही नहीं है।
भारत द्वारा बांग्लादेश से अपने राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने के फैसले पर उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में स्थिति ठीक नहीं है। वहां की सुरक्षा अहम विषय है, खासकर हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर। इसीलिए उन्हें वापस आने के लिए कहा गया है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा यूपी सरकार को कानूनी नोटिस भेजे जाने पर उन्होंने कहा कि योगी सरकार शंकराचार्य के साथ कानूनी पहलू से बात कर रही है। दोनों पक्ष कानूनी पहलू से जवाब देंगे।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मर्यादा में रहना चाहिए-चाहे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हों या फिर सरकार।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर भाजपा नेता अजय आलोक ने कहा कि सच तो यह है कि दिग्विजय सिंह अब बूढ़े हो रहे हैं। उन्हें अब वह सम्मान नहीं मिल रहा जो पहले मिलता था। इसी वजह से कांग्रेस पार्टी उन्हें सही पहचान नहीं दे रही है। उन्हें बेवजह संघ पर आरोप लगाना बंद कर देना चाहिए।