उत्तराखंड सरकार ने खाद्य और रसद आपूर्ति की निगरानी के लिए अधिकारियों को किया तैनात
सारांश
Key Takeaways
- उत्तराखंड सरकार ने खाद्य और रसद आपूर्ति की निगरानी के लिए अधिकारियों की तैनाती की है।
- मुख्यमंत्री ने आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहने को कहा।
- अधिकारियों का नियमित रूप से स्थिति की समीक्षा करना अनिवार्य है।
देहरादून, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वैश्विक परिदृश्य में उत्पन्न नई चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने खाद्य और रसद आपूर्ति की स्थिति पर सख्त निगरानी रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर, देहरादून में स्थित उत्तराखंड राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) में विभिन्न अधिकारियों और विशेषज्ञों की तैनाती तत्काल प्रभाव से की गई है।
राज्य सरकार के आदेश के अनुसार, इन अधिकारियों और विशेषज्ञों की तैनाती का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में खाद्य और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था और वितरण प्रणाली की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही खाद्य और रसद से संबंधित सूचनाओं का नियमित संकलन, उनका विश्लेषण, और विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
निर्धारित रोस्टर के अनुसार, तैनात अधिकारी और विशेषज्ञ नियमित रूप से उत्तराखंड राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में उपस्थित रहेंगे। वे प्रतिदिन खाद्य और रसद की स्थिति की समीक्षा करेंगे, आवश्यक सूचनाओं का संकलन और विश्लेषण करेंगे, और आवश्यकता पड़ने पर खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सजग है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी परिस्थिति में खाद्यान्न, एलपीजी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित नहीं होनी चाहिए और स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में खाद्य और आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्तता है और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार सभी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
राज्य सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से प्रदेश में खाद्य और रसद आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी और किसी भी संभावित आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने में सहूलियत मिलेगी।