क्या निकाय चुनाव में धांधली का आरोप निराधार है? हारने का बहाना बना रही यूबीटी: राहुल नार्वेकर
सारांश
Key Takeaways
- लॉटरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का होना आवश्यक है।
- महिला महापौर की नियुक्ति सकारात्मक कदम है।
- विपक्ष के आरोपों को तर्कसंगत आधार पर जाँचना चाहिए।
मुंबई, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के कई नगर निगमों में मेयर पद के लिए लॉटरी प्रक्रिया का उपयोग किया गया, जहां शिवसेना (यूबीटी) ने धांधली का गंभीर आरोप लगाया है। महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर ने शिवसेना (यूबीटी) के इस आरोप को निराधार करार दिया। उन्होंने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) में पहली बार महिला को महापौर बनाने की सराहना की।
राहुल नार्वेकर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "लॉटरी प्रक्रिया पारदर्शी रही है, जिसमें सभी नियमों का पालन किया गया है। विपक्ष हारने के बाद केवल बहाने बना रहा है। लॉटरी प्रणाली के तहत एक महिला को मेयर बनाया गया है। बेबुनियाद आरोप लगाना विपक्ष की आदत बन गई है। जब वे जीतते हैं, तो ईवीएम सही होती है, लेकिन जब हारते हैं, तो उन्हें उसमें दोष नजर आता है।"
उन्होंने आगे कहा, "विपक्ष बेबुनियाद आरोप लगा रहा है, जिस पर बहस नहीं होनी चाहिए। चुनाव में फिक्सिंग का आरोप लगाना आसान है, लेकिन उन्हें यह दिखाना चाहिए कि किसने और कैसे फिक्स किया था।"
राहुल नार्वेकर ने बीएमसी में महिला मेयर बनाने के निर्णय की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि मुंबई का प्रतिनिधित्व एक महिला करती है, तो यह समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाएगा।
उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के चुनाव को फिक्स बताने के आरोप को निराधार बताया और कहा, "विपक्ष को चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और शासन पर विश्वास नहीं है। ऐसे में उनके विश्वास का स्तर सवालिया है। निकाय चुनाव में हार के बाद वे बौखला गए हैं और इसका विपरीत परिणाम सामने आ रहा है।"
राहुल नार्वेकर ने नवंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में बृहन्मुंबई नगर निगम द्वारा झुग्गियों को गिराने के लिए जारी किए गए कॉलिंग अटेंशन नोटिस (नंबर 1214) के संबंध में एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।