क्या मृत्युंजय तिवारी का दावा सही है? 'राहुल-तेजस्वी ने सरकार की नींद उड़ा दी है'

सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का गठबंधन पटना से दिल्ली तक सरकारों की नींद उड़ा रहा है।
- राजद ने 'वोटर अधिकार यात्रा' में अपार जनसमर्थन प्राप्त किया है।
- कांग्रेस पार्टी का देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
- सरकार के लिए किसानों की समस्याओं का समाधान अहम है।
- लोकतंत्र को कमजोर करने वाले बिलों का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
पटना, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता मृत्युंजय तिवारी ने 'वोटर अधिकार यात्रा' को अत्यंत सफल करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की जोड़ी ने पटना से लेकर दिल्ली तक की सरकारों की नींद उड़ा दी है।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इस यात्रा में बिहार की पूरी जनता सड़क पर है। हमें अपार जनसमर्थन और आशीर्वाद मिल रहा है। यह इस बात का प्रमाण है कि कैसे राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का गठबंधन पटना से दिल्ली तक सरकारों की नींद उड़ा रहा है।
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के बयान पर राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने लंबे समय तक देश का नेतृत्व किया और आज भारत की महानता के पीछे कांग्रेस का योगदान है। लेकिन, एनडीए और भाजपा के लोग, जो ११ साल से केंद्र में हैं, कांग्रेस पर सवाल उठाते रहते हैं। हम पहले भी चुनाव जीत चुके हैं, अब भी जीतेंगे। भाजपा एक समय संसद में केवल दो सीटों पर थी। जब उन्होंने ३०० सीटें पार कीं, तब उनकी अहंकार बढ़ गया था और उन्होंने दावा किया कि ४०० सीटें मिलेंगी। जनता ने २४० पर रोका, आगे ४० पर रोकने का कार्य भी होगा।
पीएम-सीएम वाले बिल पर उन्होंने कहा कि इस बिल का इंडिया ब्लॉक विरोध करेगा। यह बिल गलत मंशा से लाया जा रहा है, जिससे लोकतंत्र कमजोर होगा। इसे राजनीतिक प्रतिशोध के तहत लाया गया है, जिसमें एजेंसियों का दुरुपयोग किया जाएगा। हम आज भी विरोध कर रहे हैं, और कल भी जारी रहेगा।
विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान पर उन्होंने कहा कि यह किसे चेतावनी दे रहे हैं? मेरा मानना है कि सरकार विदेश नीति में पूरी तरह से फेल हो गई है।
एशिया कप में भारत-पाक मैच पर विपक्ष की आपत्ति पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम के बयान पर उन्होंने कहा कि अगर वे किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे हैं, तो वे सत्ता में क्यों हैं? क्यों नहीं बाहर निकल जाते?