पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति अपमान का विवाद: भाई वीरेंद्र का तिल को ताड़ बनाना
सारांश
Key Takeaways
- भाई वीरेंद्र ने ममता बनर्जी का समर्थन किया।
- भाजपा की नीयत पर सवाल उठाए।
- लोकतंत्र के संकट का जिक्र किया।
- ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया।
- नीतीश कुमार की जदयू की स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
पटना, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने राष्ट्रपति प्रोटोकॉल से जुड़े विवाद में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रक्षा की। उन्होंने सोमवार को कहा कि ममता बनर्जी कभी भी राष्ट्रपति का अपमान नहीं कर सकतीं। यह तिल को ताड़ बनाने जैसा है क्योंकि बंगाल में चुनाव का समय है।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि देश में लोकतंत्र का अस्तित्व संकट में है। संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को राजनीति में पार्टी से ऊपर उठकर कार्य करना चाहिए। भाजपा की नीयत में खोट है, इसलिए वे इस प्रकार की बातें कर रहे हैं। उन्हें यह पता है कि बंगाल में वे चुनाव नहीं जीत पाएंगे।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि स्पीकर का मतलब है सदन का संरक्षक। अगर वह अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहे और केवल एक दल की राजनीति कर रहे हैं, तो अविश्वास प्रस्ताव लाना आवश्यक है। यह देश और दुनिया को बताने का समय है कि यह प्रस्ताव क्यों लाया गया। लोकतंत्र को खतरा है, इसलिए मैं इस प्रस्ताव का समर्थन करता हूं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला करते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि जदयू के तथाकथित नेता, जिन्होंने भाजपा से समझौता किया है, के कारण नीतीश की काफी बदनामी हुई है। उन्हें पदमुक्त करने के लिए दबाव बनाकर राजी किया गया। मुझे नहीं लगता कि नीतीश कुमार के पास जदयू को बचाने का कोई मौका है। एक दिन आएगा जब जदयू नाम की कोई पार्टी नहीं बचेगी। आज की राजनीति में जो नेता जनता के बीच नहीं हैं, वही राजनीति कर रहे हैं। जनता के बीच काम करने वाले नेताओं को न तो जनता पूछ रही है और न ही अन्य नेता।