क्या गहलोत सचिन पायलट को जेल भेजने का इरादा रखते हैं? वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी का बयान

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क्या गहलोत सचिन पायलट को जेल भेजने का इरादा रखते हैं? वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी का बयान

सारांश

राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने जोधपुर में अशोक गहलोत पर तीखा हमला किया, जबकि सचिन पायलट की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए। जानें गहलोत पर चतुर्वेदी के अन्य आरोप और नवरात्रि के मौके पर गरबा के आयोजन पर उनकी राय।

मुख्य बातें

अरुण चतुर्वेदी ने गहलोत पर तीखा हमला किया।
सचिन पायलट को जेल भेजने का आरोप।
नवरात्रि में गरबा आयोजनों पर आधार कार्ड चेकिंग का विवाद।
कन्हैयालाल हत्याकांड पर गहलोत के बयानों पर पलटवार।
जीएसटी पर चतुर्वेदी का स्पष्टीकरण।

जोधपुर, २४ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष और भाजपा के प्रमुख नेता अरुण चतुर्वेदी ने मंगलवार को जोधपुर से कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखी। इस दौरान उन्होंने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत पर निशाना साधा।

अरुण चतुर्वेदी ने मानेसर मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को मिली क्लीन चिट के संदर्भ में गहलोत द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें गहलोत ने कहा था 'एफआईआर खत्म होने से केस खत्म नहीं होता'। उन्होंने कहा कि गहलोत को लगता है कि पायलट को जेल में होना चाहिए।

चतुर्वेदी ने नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजनों में आधार कार्ड से एंट्री के विवाद पर भी स्पष्टीकरण दिया और कहा, "गरबा और डांडिया नवरात्रि के अवसर पर देवी की पूजा का हिस्सा हैं। इसमें केवल हिंदू धर्म के मानने वाले ही शामिल होते हैं। असामाजिक तत्वों को रोकने के लिए आयोजक आधार कार्ड चेक कर रहे हैं, इसमें कुछ गलत नहीं है।"

उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड पर गहलोत के बयान 'आरोपियों को फांसी होनी चाहिए' पर चतुर्वेदी ने पलटवार करते हुए कहा, "गहलोत पहले बताएं कि उन्होंने इस घटना को क्यों छुपाया? यह साधारण हत्या नहीं थी। एक ट्वीट के बाद पुलिस ने इसे हटाया, लेकिन सुरक्षा नहीं दी। कन्हैयालाल को सुरक्षा का पूरा अधिकार था, लेकिन गहलोत सरकार ने इसे नजरअंदाज किया। कानून अपनी प्रक्रिया में आगे बढ़ रहा है, लेकिन गहलोत के बयान उचित नहीं हैं। गहलोत को किस बात की चिंता है, यह समझ नहीं आता।"

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा जीएसटी अनुदान के आरोप पर चतुर्वेदी ने कहा, "जीएसटी के सभी निर्णय जीएसटी काउंसिल में सर्वसम्मति से लिए जाते हैं। निर्णय के समय बंगाल के प्रतिनिधि भी वहां मौजूद थे।"

उन्होंने जीएसटी को पीएम मोदी का कांसेप्ट बताते हुए कहा, "शुरुआत में ११ लाख करोड़ की आय बढ़कर २३ लाख करोड़ हो गई। ६७ हजार से १.७२ लाख लोग इससे जुड़े हैं। हाल ही में चार स्लैब को दो में बदल दिया गया, जो आम आदमी के लिए क्रांति लाएगा। बजट कम होगा। ममता को इससे समस्या हो रही है, क्योंकि मोदी साहसी निर्णय ले रहे हैं।"

वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस को घेरते हुए उन्होंने कहा, "कांग्रेस लगातार संस्थानों पर आरोप लगाती है और जनता में अविश्वास पैदा करती है। हिमाचल में जीतें तो ईवीएम ठीक, राजस्थान में हारें तो वोट चोरी। अगर नाम गलत है तो सुधार का प्रावधान है।"

नरेश मीणा के थप्पड़ कांड और आंदोलन पर उन्होंने कहा, "सरकार के बयानों को पहले सुन लेना चाहिए। जो राशि पहुंचाई गई है, उसके तथ्य जांच लें। उसके बाद आरोप लगाएं।"

गौरतलब है कि मीणा को देवली-उनियारा उपचुनाव में एसडीएम पर थप्पड़ मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उनके समर्थकों ने हिंसा की। चतुर्वेदी ने सरकार की ओर से जांच और मुआवजे की बात दोहराई, लेकिन मीणा के जयपुर आंदोलन की चेतावनी को राजनीतिक स्टंट बताया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरुण चतुर्वेदी ने गहलोत पर क्या आरोप लगाए?
चतुर्वेदी ने गहलोत पर आरोप लगाया कि वह सचिन पायलट को जेल भेजने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या गहलोत ने कन्हैयालाल हत्याकांड पर कोई बयान दिया?
जी हां, गहलोत ने कहा था कि आरोपियों को फांसी होनी चाहिए, जिस पर चतुर्वेदी ने पलटवार किया।
नवरात्रि के गरबा आयोजनों में आधार कार्ड चेकिंग पर चतुर्वेदी की राय क्या है?
उन्होंने कहा कि यह असामाजिक तत्वों को रोकने के लिए उचित है।
जीएसटी को लेकर चतुर्वेदी ने क्या कहा?
उन्होंने बताया कि जीएसटी के सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाते हैं और पश्चिम बंगाल के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
कांग्रेस पर चतुर्वेदी के आरोप क्या थे?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता में अविश्वास पैदा कर रही है और संस्थानों पर आरोप लगा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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