क्या आम आदमी पार्टी को झटका लगा है? पूर्व विधायक राजेश गुप्ता भाजपा में शामिल हुए
सारांश
Key Takeaways
- राजेश गुप्ता ने भाजपा में शामिल होकर राजनीतिक माहौल को बदलने का प्रयास किया है।
- आम आदमी पार्टी की पहचान को चुनौती मिल रही है।
- दिल्ली में राजनीतिक अस्थिरता का संकेत है।
- भाजपा ने इस अवसर का लाभ उठाने की योजना बनाई है।
- राजनीति में विश्वास की कमी का संकेत।
नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व विधायक राजेश गुप्ता ने शनिवार को दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, विधायक राजकुमार भाटिया और मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर की मौजूदगी में भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया। वीरेंद्र सचदेवा ने उन्हें पार्टी का पटका पहनाकर औपचारिक रूप से स्वागत किया।
इस अवसर पर वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि राजेश गुप्ता ने एक जागरूक विधायक के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई, लेकिन अरविंद केजरीवाल ने उनकी इस पहचान की कद्र नहीं की। उन्होंने कहा कि आज केजरीवाल दिल्ली से गायब हैं और इस पर विचार करने की आवश्यकता है कि उन्होंने दिल्ली को किस स्थिति में छोड़ा है।
उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी ने पिछले 12 वर्षों में दिल्ली को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है कि अब उसका बोझ नई सरकार के कंधों पर है, और भाजपा इसे धीरे-धीरे सुधारने का प्रयास कर रही है। केजरीवाल जो खुद को दिल्ली का बेटा बताते हैं, अब पूरी तरह से गायब हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि दिल्ली की जनता उनकी वास्तविकता से परिचित हो चुकी है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आज जिन्हें आम आदमी पार्टी के नेता दोषी ठहरा रहे हैं, वे सभी 12 वर्षों में बने मुद्दे हैं। केजरीवाल और सिसोदिया पूरी तरह से गायब हैं, और आतिशी तथा गोपाल राय केवल दिल्ली के लिए एक विशेष उपस्थिति बन कर रह गए हैं। जैसे औरंगजेब ने दिल्ली को लूटकर भागा था, वैसा ही आज केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के बड़े नेता कर रहे हैं। लूट और भ्रष्टाचार के बाद, अब आम आदमी पार्टी के नेता पंजाब में डेरा डालकर बैठे हैं।
इस दौरान राजेश गुप्ता ने भावुक होते हुए कहा कि जब आम आदमी पार्टी की शुरुआत हुई थी, तब कई बड़े नाम अरविंद केजरीवाल के साथ एक नई ऊर्जा के साथ जुड़े थे, लेकिन आप के मुखिया ने सभी को धोखा दिया। अब सभी एक-एक करके उन्हें छोड़ने में ही अपनी भलाई समझते हैं। मैं भी इसी सूची में शामिल हो गया हूँ।
राजेश गुप्ता ने कहा कि आज आशोक विहार वार्ड में आम आदमी पार्टी ने ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया है जिसे खुद आप ने नोटिस दिया है। भाजपा और कांग्रेस ने उस पर कोई आरोप नहीं लगाए हैं। आप जो तीन ‘सी’ की बात करती है, उसने अब तीनों को हटा दिया है। उन्होंने कहा कि जिस मंत्री को हटाया गया और सीबीआई ने जिसकी रिकॉर्डिंग भेजी, उसे पुनः पार्टी में शामिल कर लिया गया। मेरी वर्षों की समझदारी, ईमानदारी और वफादारी का यह परिणाम है कि जब मैं नाराज हुआ, तो पार्टी का अध्यक्ष मुझसे बात करने को भी तैयार नहीं है। कार्यकर्ताओं को यूज एंड थ्रो समझना अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के पतन का सबसे बड़ा कारण है।