के. सुधाकरन ने कांग्रेस छोड़ने का किया इरादा, केरल चुनाव में पार्टी को लगा झटका
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केरल विधानसभा चुनाव के समीप कांग्रेस को एक बड़ा झटका लग सकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और कन्नूर से लोकसभा सांसद के. सुधाकरन ने कांग्रेस से अलग होने का निर्णय लिया है। उनके बार-बार टिकट की मांग पर पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, जिससे वे निराश हैं।
77 वर्षीय सुधाकरन पूर्व में केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य भी हैं। सूत्रों के अनुसार, उनके राजनीतिक भविष्य पर देर रात तक चर्चा हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
गुरुवार को सुधाकरन दिल्ली में मीडिया से संवाद करेंगे, जहां वे अपने अगले कदम का औपचारिक ऐलान कर सकते हैं। इस दौरान, उन्होंने कई वरिष्ठ नेताओं को फोन कर अलविदा कहा, जिससे संकेत मिल रहा है कि वे जल्द ही पार्टी छोड़ सकते हैं।
सूत्रों से पता चला है कि वे स्वतंत्र राजनीतिक मार्ग अपनाने की योजना बना रहे हैं और नई पार्टी बनाने पर भी विचार कर रहे हैं। साथ ही, कन्नूर विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का विकल्प भी उनके सामने है।
सुधाकरन केरल में कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में से एक माने जाते हैं और कन्नूर की राजनीति में उनकी अच्छी पकड़ है। अपने आक्रामक शैली के लिए जाने जाने वाले सुधाकरन लंबे समय से मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और सीपीआई (एम) के आलोचक रहे हैं।
उनका राजनीतिक करियर कई दशकों में फैला हुआ है। वे चार बार विधायक रह चुके हैं और 2009 में कन्नूर से लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। हालांकि, उन्हें 2014 में हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन 2019 में उन्होंने पुनः जीत हासिल की।
सुधाकरन का संभावित इस्तीफा कांग्रेस के लिए, विशेषकर कन्नूर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में, एक बड़ा झटका माना जा रहा है।