केरल चुनाव: राहुल गांधी ने पीएम मोदी और सीएम विजयन पर किया हमला, बोले- लेफ्ट में अब कुछ भी नहीं बचा
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी ने वाम मोर्चे की विफलताओं को उजागर किया।
- सत्ता में लंबे समय से रहने से नेताओं में अहंकार बढ़ता है।
- यूडीएफ ने महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं घोषित की हैं।
- राज्य में बेरोजगारी और नशे की समस्याओं पर चर्चा।
- मतदान की तिथि 9 अप्रैल निर्धारित।
अलाप्पुझा, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में प्रचार की रफ्तार तेज हो चुकी है। इस सन्दर्भ में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सत्तारूढ़ वाम मोर्चे और केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। शनिवार को अलाप्पुझा में एक रैली के दौरान उन्होंने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब लेफ्ट में कुछ भी 'लेफ्ट' नहीं बचा है और यह जनता से पूरी तरह अलग हो चुका है।
राहुल गांधी ने पूर्व वाम नेता जी. सुधाकरन की उपस्थिति को महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि सुधाकरन किसी अवसरवाद के चलते यहां नहीं आए हैं, बल्कि वाम दलों के भीतर कुछ मौलिक परिवर्तन हुए हैं।
यह ध्यान देने योग्य है कि चार बार विधायक और दो बार मंत्री रह चुके सुधाकरन को सीपीएम से निकाला गया था जब उन्होंने अंबालापुझा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। बाद में, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने उनका समर्थन किया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केरल में वाम नेतृत्व में छिपा हुआ सांप्रदायिक प्रभाव काम कर रहा है और कुछ नेता राजनीतिक लाभ के लिए भाजपा-आरएसएस के साथ समझौता करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इससे वाम दलों के समर्पित कार्यकर्ता अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर टिप्पणी करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि दोनों नेता जनता से कट चुके हैं। लंबे समय तक सत्ता में रहने से नेताओं में भ्रम और अहंकार पैदा हो जाता है, जिससे जनता और नेतृत्व के बीच की दूरी बढ़ जाती है।
उन्होंने प्रधानमंत्री पर राज्य के अहम मुद्दों पर चुप रहने का भी आरोप लगाया और कहा कि भाजपा की असली लड़ाई कांग्रेस और यूडीएफ से है, इसलिए वह वाम दलों के प्रति नरम रुख अपनाती है।
राहुल गांधी ने राज्य में बढ़ते नशे के मामलों, किसानों की परेशानियों और बेरोजगारी को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कॉयर और धान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी सरकार विफल रही है।
यूडीएफ के वादों का जिक्र करते हुए उन्होंने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, कॉलेज छात्राओं को हर महीने 1,000 रुपए, 3,000 रुपए सामाजिक पेंशन और परिवारों के लिए 25 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा देने का वादा किया।
अलाप्पुझा के बाद राहुल गांधी का कार्यक्रम कोच्चि और इडुक्की में भी तय है। उल्लेखनीय है कि केरल में 9 अप्रैल को 140 सीटों के लिए मतदान होना है।