केरल में चुनावी विवाद: मुख्यमंत्री विजयन और सुधाकरन के बीच 'मिस्ड कॉल' पर तकरार
सारांश
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अलाप्पुझा, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केरल में विधानसभा चुनावों के नजदीक सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और पूर्व मंत्री जी. सुधाकरन के बीच 'मिस्ड कॉल' को लेकर विवाद अब खुलकर सामने आया है, जिसने राजनीतिक बयानबाजी को और बढ़ावा दिया है।
अंबालाप्पुझा सीट से कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और पूर्व सीपीआई(एम) नेता जी. सुधाकरन ने मुख्यमंत्री के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री की तरफ से कोई कॉल प्राप्त नहीं हुई। उनके फोन में मुख्यमंत्री का नंबर 'सीएम' नाम से सेव है और इस नाम से कोई कॉल नहीं आई।
सुधाकरन, जो चार बार के विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, ने यह भी बताया कि लगभग दो हफ्ते पहले मुख्यमंत्री ने अलाप्पुझा में उनसे मिलने की इच्छा जताई थी, लेकिन उसके बाद कोई संवाद नहीं हुआ।
वास्तव में, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने सुधाकरन से तीन बार संपर्क करने की कोशिश की थी।
मुख्यमंत्री विजयन ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि पहली कॉल के दौरान फोन व्यस्त था, जबकि अगली दो कॉल का कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा, "तीसरी बार के बाद ऐसा लगा कि शायद कॉल को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है।" इसके बाद उन्होंने जिला सचिव नासर से संपर्क कर बातचीत कराने की कोशिश भी की।
इस मुद्दे पर विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे सुधाकरन की बात पर भरोसा करते हैं। हम अलग-अलग पक्षों में रहकर भी हमेशा उनका सम्मान करते आए हैं। मैं उनकी बात को सही मानूंगा।
मुख्यमंत्री विजयन ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी में पदों में बदलाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जिसमें उम्र जैसे कई कारकों का ध्यान रखा जाता है। इसे किसी नेता को हाशिए पर डालने के रूप में नहीं देखना चाहिए। उन्होंने जी. सुधाकरन को पार्टी के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक बताया और कहा कि उन्हें प्रत्येक स्तर पर उचित सम्मान और सहयोग मिला है।
इस बीच, दोनों नेताओं के अपने-अपने दावों पर अडिग रहने के कारण यह विवाद और बढ़ गया है, जिससे चुनावी माहौल में नई हलचल उत्पन्न हो गई है। जी. सुधाकरन शनिवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगे और उसके बाद रोड शो में भी भाग लेंगे।
वहीं, सीपीआई(एम) के अंदर भी असंतोष देखा जा रहा है। पूर्व विधायक ऐया एस पोट्टी और पीके सासी कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं और वाम उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।