केरल में माकपा नेता सुधाकरन की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले राजनीतिक गतिविधियों में तेजी
सारांश
Key Takeaways
- जी सुधाकरन ने व्हाट्सऐप मीडिया ग्रुप की शुरुआत की है।
- उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
- सुधाकरन ने पार्टी सदस्यता का नवीनीकरण नहीं करने का संकेत दिया है।
- उनका अगला कदम अम्बालप्पुझा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना हो सकता है।
- पार्टी और पुलिस दोनों स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
अलप्पुझा, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। माकपा के प्रमुख नेता जी सुधाकरन एक बार फिर केरल की राजनीति में चर्चा का विषय बन गए हैं। इस वरिष्ठ वामपंथी नेता ने बुधवार को एक व्हाट्सऐप मीडिया ग्रुप की शुरुआत की, जिसके बाद उनके आगामी राजनीतिक कदमों के बारे में अटकलें तेज हो गई हैं। गुरुवार को वे अपने निवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के शीर्ष नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सके। महासचिव एमए बेबी और प्रदेश सचिव एमवी गोविंदन ने भी उनसे चर्चा की। वहीं, जब मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अलप्पुझा जिले में एक पुल का उद्घाटन करने आए थे, तब उन्होंने सुधाकरन के घर जाकर मुलाकात नहीं की।
पिछले सप्ताह यह जानकारी सामने आई थी कि सुधाकरन अपनी पार्टी सदस्यता का नवीनीकरण नहीं करेंगे। इसके बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा के भीतर चिंता बढ़ गई है। इस बीच, कांग्रेस भी पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही है।
चार बार विधायक और दो बार राज्य मंत्री रह चुके सुधाकरन अलप्पुझा के प्रमुख राजनीतिक नेताओं में माने जाते हैं। चर्चा है कि वे अगली विधानसभा चुनाव अम्बालप्पुझा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ सकते हैं।
हाल ही में उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि वे पांच दशक से अधिक समय से चली आ रही पार्टी सदस्यता का नवीनीकरण नहीं करेंगे। यह पोस्ट पार्टी के अंदर और बाहर दोनों जगह चर्चित हुआ।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य समिति से हटाने के बाद जिला नेतृत्व ने उनसे संपर्क नहीं किया और कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में उन्हें नजरअंदाज किया गया।
सुधाकरन ने यह भी कहा कि राज्य सचिव गोविंदन की एक टिप्पणी से संकेत मिला कि पार्टी में उन्हें आगे कोई महत्व नहीं दिया जाएगा। उन्होंने इसे अनुचित बताया और कहा कि भले ही यह मजाक में कहा गया हो, लेकिन किसी ने इसका विरोध नहीं किया।
गुरुवार को होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि केरल पुलिस की स्पेशल ब्रांच भी उनसे मिलने आने वाले राजनीतिक नेताओं पर नजर रख रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुधाकरन का अगला कदम अलप्पुझा क्षेत्र की राजनीति पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है, खासकर जब केरल अगले चुनावी चक्र की ओर बढ़ रहा है।