पश्चिम बंगाल चुनाव के बीच बरामद हुई लाखों की नकदी, पुलिस कर रही जांच

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पश्चिम बंगाल चुनाव के बीच बरामद हुई लाखों की नकदी, पुलिस कर रही जांच

सारांश

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बीच पुलिस ने दो क्षेत्रों से लाखों रुपये की नकदी बरामद की है। यह घटनाएं चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी अवैध गतिविधियों की आशंका को बढ़ाती हैं।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान नकदी की बरामदगी हुई।
पुलिस ने अवैध धन के स्रोत की जांच शुरू की।
दंपति ने असम के चिरांग से यात्रा की थी।
निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है।

कोलकाता, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के दो चरणों के बीच पुलिस ने दो स्थानों से भारी मात्रा में नकदी बरामद की है। इनमें से एक राशि दक्षिण बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर से है जबकि दूसरी आदिवासी बहुल अलीपुरद्वार जिले से मिली है।

पुलिस के अनुसार, बरुईपुर के जॉयतला क्षेत्र में नियमित तलाशी अभियान चल रहा था। इस दौरान एक बाइक सवार पर संदेह हुआ। जब उसे रोका गया और तलाशी ली गई तो उसके बैग से 9 लाख रुपये मिले।

पुलिस का कहना है कि बाइक सवार तिलपी से कुराली की ओर जा रहा था। बरामद धनराशि के स्रोत की जांच शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान तिलपी निवासी समद अली सरदार के रूप में हुई है। वर्तमान में आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

वहीं, उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार पुलिस स्टेशन को सूचना मिली कि एक दंपति चौपाटी चौराहे के पास स्थित एक होटल में ठहरे हुए हैं और उनके पास भारी मात्रा में नकदी है।

यह दंपति असम के चिरांग के निवासी हैं और मंगलवार को होटल में ठहरे थे। बुधवार को जब वे अपने निजी वाहन से होटल से निकले, तब पुलिस की भ्रष्टाचार-विरोधी शाखा ने वाहन को रोका। वाहन की तलाशी में 2,75,000 रुपये नकद बरामद हुए।

जिस वाहन से यह धन बरामद हुआ है, उस पर असम का पंजीकरण नंबर प्लेट है। वाहन के मालिक ने खुद को असम का एक व्यापारी बताया है। पूछताछ के दौरान दंपति ने कहा कि वे मंगलवार को चिरांग से अलीपुरद्वार तक घूमने आए थे।

हालांकि, चुनावी माहौल को देखते हुए जांचकर्ताओं ने इस बरामदगी को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि दंपति से धन के स्रोत के बारे में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला है।

पुलिस ने यह भी कहा है कि धन के स्रोत का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। यदि धन का उपयोग चुनाव में किया जाने वाला था, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

यह ध्यान देने योग्य है कि विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को लुभाने के लिए अवैध नकदी के इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए, निर्वाचन आयोग ने राज्य के लिए पहले ही 294 सामान्य पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह कह सकता हूं कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। हाल की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि अवैध धन का प्रवाह चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, अधिकारियों को सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में नकदी की बरामदगी का क्या कारण है?
यह बरामदगी विधानसभा चुनावों के दौरान अवैध धन के इस्तेमाल की आशंका के चलते हुई है।
पुलिस ने कितनी नकदी बरामद की?
पुलिस ने कुल 9 लाख रुपये और 2,75,000 रुपये की नकदी बरामद की है।
क्या पुलिस ने किसी को गिरफ्तार किया है?
हां, पुलिस ने बरुईपुर से एक बाइक सवार को गिरफ्तार किया है।
दंपति का संबंध किस राज्य से है?
दंपति असम के चिरांग के निवासी हैं।
क्या निर्वाचन आयोग ने कोई कदम उठाए हैं?
हां, निर्वाचन आयोग ने राज्य के लिए 294 सामान्य पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले