12 जुलाई 2026
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राजगीर मलमास मेले में 'सुनामी' झूले से गिरकर युवक की मौत, सेफ्टी बेल्ट खुलने का आरोप

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राजगीर मलमास मेले में 'सुनामी' झूले से गिरकर युवक की मौत, सेफ्टी बेल्ट खुलने का आरोप

सारांश

राजगीर मलमास मेले में 'सुनामी' झूले की कथित तौर पर खुली सेफ्टी बेल्ट ने एक 25 वर्षीय युवक की जान ले ली। झूला जब्त, FSL जाँच शुरू और सभी बड़ी राइड्स बंद — लेकिन सवाल बरकरार है कि मेला शुरू होने से पहले सुरक्षा जाँच क्यों नहीं हुई।

मुख्य बातें

25 वर्षीय अमन कुमार की मौत राजगीर मलमास मेले में सोमवार रात 11:50 बजे 'सुनामी' झूले से गिरने के बाद हुई।
कथित तौर पर सेफ्टी बेल्ट खुल जाने के कारण अमन चलते हुए झूले से नीचे गिरे।
अमन को राजगीर अनुमंडलीय अस्पताल से वर्धमान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और फिर PMCH रेफर किया गया, जहाँ रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई।
एसडीपीओ संजीत कुमार गुप्ता ने पुष्टि की — 'सुनामी स्विंग' जब्त, राइड ऑपरेटर पर कानूनी कार्रवाई शुरू।
FSL टीम को जाँच के लिए बुलाया गया; मेले में सभी बड़े झूले और राइड्स अगली सूचना तक बंद ।

बिहार के नालंदा जिले के राजगीर मलमास मेले में सोमवार रात करीब 11:50 बजे एक दर्दनाक हादसे में 25 वर्षीय अमन कुमार की मौत हो गई, जब कथित तौर पर 'सुनामी' झूले की सेफ्टी बेल्ट खुल जाने से वह चलते हुए झूले से नीचे गिर पड़े। नवादा जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र के मिक्कू गाँव के निवासी अमन विपिन कुमार के पुत्र थे और उस रात परिवार के सदस्यों व रिश्तेदारों के साथ मेले में आए थे।

घटना का क्रम

अमन के चचेरे भाई प्रिंस के अनुसार, दोनों ने टिकट खरीदकर 'सुनामी' झूले पर सवारी का फैसला किया। झूला शुरू होने के कुछ ही देर बाद कथित तौर पर अमन की सेफ्टी बेल्ट खुल गई, जिससे उनका संतुलन बिगड़ा और वह चलते हुए झूले से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया।

अस्पताल में रेफर और मृत्यु

स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने घायल अमन को तत्काल राजगीर अनुमंडलीय अस्पताल पहुँचाया। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें पावापुरी स्थित वर्धमान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज रेफर किया गया। हालत और बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) भेजा, जहाँ ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई।

पुलिस की कार्रवाई

राजगीर के एसडीपीओ संजीत कुमार गुप्ता ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने 'सुनामी स्विंग' को जब्त कर लिया है और राइड ऑपरेटर के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जाँच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की एक टीम को बुलाया गया है।

एहतियाती कदम और सुरक्षा चिंताएँ

इस जानलेवा हादसे के बाद प्रशासन ने मेले में सभी बड़े झूलों और मनोरंजन राइड्स का संचालन अगली सूचना तक बंद कर दिया है। यह घटना बिहार में बड़े सार्वजनिक मेलों के दौरान मनोरंजन राइड्स के सुरक्षा मानकों और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। गौरतलब है कि देश के विभिन्न मेलों में झूले से गिरने की घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन सुरक्षा ऑडिट का कोई समान राष्ट्रीय ढाँचा अब तक लागू नहीं हो सका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सार्वजनिक मेलों में मनोरंजन राइड्स के नियमन की पुरानी खामियों का नतीजा है। देशभर में हर साल मेलों में इस तरह की घटनाएँ होती हैं, फिर भी राइड्स के लिए अनिवार्य पूर्व-मेला सुरक्षा ऑडिट और ऑपरेटर लाइसेंसिंग का कोई समान राष्ट्रीय ढाँचा नहीं है। FSL जाँच और ऑपरेटर पर मुकदमा जरूरी कदम हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि मेला शुरू होने से पहले 'सुनामी' झूले की सेफ्टी बेल्ट की जाँच किसने और कब की थी। बिना जवाबदेही तय किए अगले मेले में भी यही दोहराया जाएगा।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजगीर मलमास मेले में 'सुनामी' झूले से कौन गिरा और क्या हुआ?
नवादा जिले के मिक्कू गाँव के निवासी 25 वर्षीय अमन कुमार सोमवार रात मेले में 'सुनामी' झूले पर सवार थे, जब कथित तौर पर उनकी सेफ्टी बेल्ट खुल गई और वह चलते हुए झूले से गिर पड़े। गंभीर चोटों के कारण PMCH ले जाते समय रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
राजगीर के एसडीपीओ संजीत कुमार गुप्ता के अनुसार, पुलिस ने 'सुनामी स्विंग' को जब्त कर लिया है और राइड ऑपरेटर के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। FSL टीम को घटना की फोरेंसिक जाँच के लिए बुलाया गया है।
हादसे के बाद मेले में क्या बदलाव किए गए हैं?
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मेले में सभी बड़े झूलों और मनोरंजन राइड्स का संचालन अगली सूचना तक बंद कर दिया है। यह निर्णय सुरक्षा समीक्षा पूरी होने तक जारी रहेगा।
अमन कुमार को किन अस्पतालों में ले जाया गया?
घटना के बाद अमन को पहले राजगीर अनुमंडलीय अस्पताल, फिर पावापुरी स्थित वर्धमान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और अंत में पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) रेफर किया गया, जहाँ पहुँचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई।
यह घटना मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर क्या सवाल उठाती है?
इस हादसे ने बिहार में बड़े सार्वजनिक मेलों में मनोरंजन राइड्स के सुरक्षा मानकों और नियमित रखरखाव को लेकर गंभीर चिंताएँ खड़ी की हैं। आलोचकों का कहना है कि राइड्स के लिए अनिवार्य पूर्व-मेला सुरक्षा ऑडिट और ऑपरेटर लाइसेंसिंग की व्यवस्था नहीं होने से ऐसी दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
राष्ट्र प्रेस
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