27 जून 2026
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क्या राजगीर में चिराग पासवान की रैली में समर्थकों की भीड़ बेकाबू हो गई?

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क्या राजगीर में चिराग पासवान की रैली में समर्थकों की भीड़ बेकाबू हो गई?

सारांश

राजगीर में चिराग पासवान की रैली में जब समर्थकों की भीड़ बेकाबू हो गई, तो सुरक्षा व्यवस्था चूक गई। इस घटना ने एक बार फिर से बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। जानिए इस रैली में क्या हुआ और इसके पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

चिराग पासवान की रैली में अनुशासनहीनता का मामला सामने आया।
भीड़ की बेताबी ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी।
कई समर्थक केंद्रीय मंत्री की गाड़ी पर चढ़ गए।
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।
राजनीतिक रैलियों में सुरक्षा का ध्यान रखना आवश्यक है।

राजगीर, 29 जून (राष्ट्र प्रेस)। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान की बिहार के राजगीर में आयोजित सभा में समर्थकों ने केंद्रीय मंत्री की गाड़ी पर चढ़कर सेल्फी लेने की कोशिश की, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।

चिराग पासवान की रैली में उमड़ी भीड़ को देखकर आयोजक गदगद थे, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था की कमी और अनुशासनहीनता ने कार्यक्रम को अव्यवस्थित कर दिया।

सभा में शामिल होने नवादा से पहुंचे एक युवक कन्हैया कुमार ने बताया कि जैसे ही चिराग पासवान सभा स्थल पर पहुंचे, लोग बेकाबू हो गए। कई समर्थक उनकी गाड़ी के ऊपर चढ़ गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज किया, जिससे अफरातफरी मच गई।

सभा में मौजूद एक समर्थक नीतीश कुमार ने कहा, "मैं नवादा जिले से आया हूं। चिराग पासवान हमारे नेता हैं। हम लोगों ने चिराग पासवान से मुलाकात की, लेकिन पुलिस वालों ने हमें रोकने की कोशिश की। पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया, जिसमें हमारी पार्टी के कुछ समर्थकों को चोट भी लगी है। इस रैली में बिहार के सभी जिलों से लोग आए हुए हैं।"

वहीं, जनसभा में शामिल होने के लिए पहुंची लोजपा (रामविलास) सांसद शांभवी चौधरी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए इस आयोजन को सफल बताया। उन्होंने कहा, "हम एनडीए गठबंधन का हिस्सा हैं और हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान हमेशा कहते रहे हैं कि हम बिहार के विकास के लिए चुनाव लड़ना चाहते हैं। उनका मानना है कि सभी 243 सीटों पर 'बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट' के विजन के साथ चुनाव लड़ना चाहिए।"

उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर देश में आपातकाल लगाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को पहले इस बारे में बात करना चाहिए। वह संविधान के खतरे में होने की बात तो करते हैं, लेकिन आपातकाल पर वह कुछ नहीं बोलते।

राजद अध्यक्ष लालू यादव के शासनकाल को याद करते हुए शांभवी चौधरी ने कहा कि जब उन्हें सत्ता मिली थी तब वह रोजगार देने की बजाय जमीन हड़पने का काम करते थे। बिहार की जनता इन लोगों की सच्चाई जानती है और आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में इन लोगों को सबक सिखाएगी। पलायन से लेकर अशिक्षा तक इनके कार्यकाल की देन है।

वैशाली से सांसद वीणा देवी ने कहा कि एनडीए एकता के साथ आगामी बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेगा और हमें उम्मीद है कि जनता हमें फिर से सेवा करने का मौका देगी। आपातकाल के लिए राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को माफी मांगनी चाहिए। हमें लगता है कि बिहार की जनता काफी समझदार है और ऐसे लोगों को जरूर सबक सिखाने का काम करेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिराग पासवान की रैली में क्या हुआ?
रैली में समर्थकों की भीड़ बेकाबू हो गई और उन्होंने केंद्रीय मंत्री की गाड़ी पर चढ़कर सेल्फी लेने की कोशिश की, जिससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।
क्या पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई कदम उठाए?
हाँ, पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज किया, जिससे अफरातफरी मच गई।
राष्ट्र प्रेस
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