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राज्यसभा में खड़गे ने चिंता जताई, भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर गहरा असर

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राज्यसभा में खड़गे ने चिंता जताई, भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर गहरा असर

सारांश

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एशिया में बदलती भू-राजनीतिक स्थिति के भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर प्रभाव की बात की। उन्होंने भारत की वैश्विक छवि और आर्थिक स्थिरता पर भी चिंता जताई। क्या यह स्थिति भारत के लिए खतरा बन सकती है?

मुख्य बातें

खड़गे की चिंता - भू-राजनीतिक स्थिति का असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर है।
आर्थिक स्थिरता - संघर्ष बढ़ने पर भारत की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है।
कच्चे तेल का आयात - भारत की 55 प्रतिशत जरूरतें पश्चिम एशिया से आती हैं।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा - लाखों भारतीय वहां काम कर रहे हैं।
रसोई गैस की कीमतें - बढ़ती कीमतें आम जनता के लिए समस्या बन सकती हैं।

नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को एशिया के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र में तेजी से बदलती भू-राजनीतिक स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल उस क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। इसके अलावा, भारत की वैश्विक छवि और सामर्थ्य पर भी इसका असर स्पष्ट हो रहा है।

खड़गे ने बताया कि भारत अपनी कच्चे तेल की लगभग 55 प्रतिशत जरूरतें पश्चिम एशिया से आयात के माध्यम से पूरी करता है। यदि उस क्षेत्र में संघर्ष बढ़ता है, तो इसका सीधा असर हमारे देश की आर्थिक स्थिरता पर पड़ सकता है।

उन्होंने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से कहा, "मैं आपका आभारी हूं कि आपने मुझे यह महत्वपूर्ण मुद्दा उठाने का अवसर दिया।" खड़गे ने कहा कि वह नियम 176 के तहत उभरती चुनौतियों के संदर्भ में भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर अल्पकालिक चर्चा की अनुमति का अनुरोध करना चाहते हैं।

वे यह भी बोले कि एशिया के उस क्षेत्र में लाखों भारतीय काम करते हैं, जिनकी सुरक्षा और आजीविका वहां की स्थिरता पर निर्भर करती है। हाल की घटनाओं में कुछ भारतीय नागरिकों के मारे जाने या लापता होने की खबरें भी सामने आई हैं।

उन्होंने कहा कि रसोई गैस सिलेंडर के दाम में लगभग 60 रुपये की वृद्धि भी आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है। भारत हर साल लगभग 51 बिलियन अमेरिकी डॉलर का तेल आयात करता है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था और परिवारों के जीवन से सीधे जुड़ा हुआ विषय है। इसलिए इन अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। इस बीच, सभापति ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को बैठ जाने के लिए कहा।

सभापति ने बाद में खड़गे को बोलने का अवसर देने की बात कही और कहा कि फिलहाल विदेश मंत्री एस जयशंकर सदन में अपनी बात रखने जा रहे हैं। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे के बीच, एस जयशंकर ने अपनी बात रखी, लेकिन विपक्षी सांसदों ने लगातार नारेबाजी की। इसके बाद, विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया।

वास्तव में, नेता प्रतिपक्ष और विपक्षी सांसद इस मुद्दे पर सदन में अपनी बात रखना चाहते थे। सभापति ने मल्लिकार्जुन खड़गे को शुरुआत में बोलने का अवसर दिया और इसके बाद उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री इस संदर्भ में आधिकारिक जानकारी दे रहे हैं। विदेश मंत्री द्वारा जानकारी देने के बाद, वह खड़गे को बोलने का अवसर देंगे। लेकिन विपक्ष इसके लिए राजी नहीं हुआ और सदन में विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि एशिया में हो रही भू-राजनीतिक हलचलें भारत की ऊर्जा सुरक्षा को चुनौती दे रही हैं। नेता प्रतिपक्ष ने जो चिंता व्यक्त की है, वह निस्संदेह गंभीर है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह भारत की आर्थिक स्थिरता और वैश्विक स्थिति पर भी गहरा असर डाल सकता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर भू-राजनीतिक स्थिति का क्या असर है?
भू-राजनीतिक स्थिति के अस्थिर होने पर भारत को कच्चे तेल का आयात प्रभावित हो सकता है, जिससे आर्थिक स्थिरता पर बुरा असर पड़ेगा।
खड़गे ने किस मुद्दे पर चर्चा की?
खड़गे ने एशिया में बदलती भू-राजनीतिक स्थिति और इसके भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर प्रभाव के बारे में चर्चा की।
भारत कच्चे तेल की कितनी जरूरतें पश्चिम एशिया से पूरी करता है?
भारत अपनी कच्चे तेल की लगभग 55 प्रतिशत जरूरतें पश्चिम एशिया से आयात के माध्यम से पूरी करता है।
क्या हाल की घटनाओं में भारतीय नागरिकों को खतरा है?
हालिया घटनाओं में कुछ भारतीय नागरिकों के मारे जाने या लापता होने की खबरें आई हैं, जो चिंता का विषय है।
रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में वृद्धि का आम लोगों पर क्या असर होगा?
रसोई गैस सिलेंडर के दाम में वृद्धि से आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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