क्या राम मंदिर ध्वजारोहण कार्यक्रम में शंकराचार्य की बातों को अनसुना किया गया?

Click to start listening
क्या राम मंदिर ध्वजारोहण कार्यक्रम में शंकराचार्य की बातों को अनसुना किया गया?

सारांश

अयोध्या में राम मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम को लेकर सरकार की तैयारी चल रही है। लेकिन सपा नेता माता प्रसाद पांडेय ने आरोप लगाया है कि सरकार ने शंकराचार्य की बातों की अनदेखी की है। क्या यह मामला राजनीतिक विवाद को जन्म देगा?

Key Takeaways

  • राम मंदिर का ध्वजारोहण 25 नवंबर को होगा।
  • सपा नेता ने सरकार पर शंकराचार्य की बातों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
  • ध्वजारोहण का कार्यक्रम भव्य और दिव्य बनाने की तैयारी चल रही है।

बलिया, 22 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार अयोध्या में राम मंदिर के ऐतिहासिक ध्वजारोहण कार्यक्रम को भव्य और दिव्य बनाने की योजना बना रही है। इस बीच, शनिवार को विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष एवं समाजवादी पार्टी के नेता माता प्रसाद पांडेय ने सरकार पर शंकराचार्य की बातों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

सपा नेता माता प्रसाद पांडेय ने पत्रकारों से कहा, "प्रधानमंत्री अयोध्या में ध्वजारोहण करने जा रहे हैं। इससे पहले उन्होंने भगवान राम की मूर्ति स्थापना की थी। हमारे यहां शंकराचार्य सनातन धर्म में बहुत ऊंचे धार्मिक पद पर माने जाते हैं। उनकी कही बातों को माना जाता रहा है, जिन्होंने पहले कहा था कि जब तक ध्वजारोहण न हो, तब तक मंदिर में मूर्ति स्थापना नहीं की जा सकती। लेकिन सरकार ने इसे नजरअंदाज किया।"

अवधेश प्रसाद ने सरकार के इस निर्णय का खामियाजा भुगतने का दावा किया। उन्होंने कहा, "सभी ने देखा कि उन्होंने मंदिर में भगवान राम की मूर्ति स्थापना की, तो इसका परिणाम यह हुआ कि वे अयोध्या से चुनाव हार गए। सामान्य सीट से हमारे अनुसूचित जाति के उम्मीदवार अवधेश प्रसाद ने जीत हासिल की। अब इस बार भी आने वाला समय बताएगा कि अयोध्या की सीट से किसकी जीतने की संभावना है।"

उन्होंने ध्वजारोहण के बारे में कहा, "जब मंदिर बन गया है, तो अब ध्वजारोहण हो रहा है। ध्वजारोहण मुख्यमंत्री करें या कोई और, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।"

लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भगवान राम को काल्पनिक बताने वाले बयान पर वाराणसी कोर्ट ने उन्हें पेश होने का आदेश दिया है। इस पर माता प्रसाद पांडेय ने कहा, "कोर्ट ने राहुल गांधी को नोटिस दिया है, जिस पर वे अपना जवाब प्रस्तुत करेंगे। इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता।"

बता दें कि 25 नवंबर को अयोध्या के राम मंदिर में ध्वजारोहण का कार्यक्रम होने वाला है। भाजपा सरकार इसे भव्य और दिव्य बनाने की तैयारी में जुटी हुई है। इस कार्यक्रम में देश के दिग्गज नेताओं के साथ अन्य क्षेत्रों की कई बड़ी हस्तियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि धार्मिक मान्यताएँ और राजनीतिक निर्णय अक्सर एक-दूसरे से जुड़ते हैं। भारतीय राजनीति में ऐसे मुद्दे महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन यह भी जरूरी है कि धार्मिक नेताओं की बातों को गंभीरता से लिया जाए।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

राम मंदिर ध्वजारोहण कार्यक्रम कब है?
राम मंदिर का ध्वजारोहण कार्यक्रम 25 नवंबर को अयोध्या में होगा।
माता प्रसाद पांडेय ने सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
माता प्रसाद पांडेय ने आरोप लगाया है कि सरकार ने शंकराचार्य की बातों को अनसुना किया।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हो सकते हैं?
इस कार्यक्रम में देश के दिग्गज नेता और कई बड़ी हस्तियाँ शामिल होने की संभावना है।
Nation Press