मध्य प्रदेश: एडीजी राजा बाबू ने पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखकर मांगी सुरक्षा, जान का खतरा
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल, १८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश पुलिस ट्रेनिंग के एडीजी राजा बाबू को अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने पुलिस मुख्यालय को एक पत्र भेजकर सुरक्षा की मांग की है।
राजा बाबू ने पत्र में आरोप लगाया है कि उनके द्वारा किए गए नवाचारों के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग सेंटर में उनके नवाचारों के चलते कुछ लोग असंतुष्ट हो सकते हैं।
यह घटनाक्रम तब सामने आया जब मंगलवार सुबह कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने राजा बाबू के बंगले के बाहर गाली-गलौज की और अमर्यादित व्यवहार किया। इस कारण उनकी बंगले की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई है।
बताया जा रहा है कि एडीजी के बंगले के बाहर अज्ञात लोग डंडा लहराते हुए देखे गए। मंगलवार सुबह की घटना के सीसीटीवी फुटेज में एक अज्ञात युवक को डंडा लेकर घूमते और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए देखा गया। इस मामले में एडीजी ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी है।
अभी तक पुलिस अज्ञात लोगों की पहचान नहीं कर पाई है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी तलाश जारी है।
राजा बाबू उन अधिकारियों में से हैं जिन्होंने छात्र जीवन में १९९२ में अयोध्या में कारसेवक की भूमिका निभाई थी।
वर्तमान में, राजा बाबू का जन्म ११ जुलाई १९६७ को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में हुआ और वे मध्य प्रदेश कैडर के १९९४ बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने १९९३ में यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा उत्तीर्ण की और ६ सितंबर १९९४ को उनकी नियुक्ति हुई।