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रामदास आठवले: तमिलनाडु में डीएमके की सरकार को गिराने का है इरादा

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रामदास आठवले: तमिलनाडु में डीएमके की सरकार को गिराने का है इरादा

सारांश

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने एआईएमआईएम के समर्थन से आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बारे में महत्वपूर्ण बयान दिए। उन्होंने डीएमके की सरकार को उखाड़ने की आवश्यकता और एनडीए के समर्थन की बात की।

मुख्य बातें

रामदास आठवले ने एआईएमआईएम के समर्थन में बयान दिया है।
डीएमके की सरकार को उखाड़ने का इरादा है।
तमिलनाडु में 25-30 सीटों पर चुनाव लड़ेगा एनडीए ।
पश्चिम बंगाल में भाजपा का समर्थन कर रहे हैं।
मुसलमानों के आरक्षण पर कानूनी स्थिति स्पष्ट की।

नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एआईएमआईएम ने आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में डीएमके और कांग्रेस को समर्थन देने का निर्णय लिया है। इस पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि सभी पार्टियों को गठबंधन करने का अधिकार है, लेकिन हमें विश्वास है कि एआईएडीएमके और भाजपा के गठबंधन की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि मुस्लिम वोट हमें बहुत नहीं मिलते हैं। यदि डीएमके-कांग्रेस को एआईएमआईएम का समर्थन मिल रहा है, तो इससे हमें लाभ होगा। हमें नहीं लगता कि इससे हमारा कोई नुकसान होगा। तमिलनाडु में डीएमके की सरकार को उखाड़ फेंकना है और वहां एनडीए की सरकार लानी है।

उन्होंने आगे कहा कि तमिलनाडु में हम 25 से 30 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन अन्य सीटों पर हमारा एनडीए को समर्थन रहेगा।

पश्चिम बंगाल चुनावों के संदर्भ में रामदास आठवले ने कहा कि हमारी पार्टी पश्चिम बंगाल में किसी भी सीट पर चुनाव नहीं लड़ रही है। वहां हम भाजपा को समर्थन दे रहे हैं। असम में हम चार सीटों पर और केरल में एक सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। एनडीए के प्रचार के लिए मैं सभी राज्यों में जाऊंगा। पांचों राज्यों में एनडीए की सरकार बनने की संभावना है।

डीएमके-कांग्रेस से एआईएमआईएम की मांग के बारे में रामदास आठवले ने कहा कि स्टालिन की सरकार एआईएमआईएम की मांगों पर क्या निर्णय लेगी, यह तो मुझे नहीं पता। लेकिन, मुसलमानों को ओबीसी का आरक्षण मिलता रहा है। जो बाकी मुसलमान हैं, उन्हें 10 प्रतिशत EWS का आरक्षण मिलता है। इसका लाभ मुसलमानों को अवश्य होता है। कानूनी रूप से धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता है।

याद रहे कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही चेन्नई एक महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र बन गया है, जहां सत्ताधारी डीएमके और विपक्षी एआईएडीएमके के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। राजधानी में इन दो ध्रुवों के बीच होने वाले इस मुकाबले का स्पष्ट संकेत यह है कि डीएमके और एआईएडीएमके चेन्नई की 16 विधानसभा सीटों में से 12 सीटों पर एक-दूसरे को सीधे टक्कर देने की तैयारी कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामदास आठवले ने किस पार्टी का समर्थन किया है?
रामदास आठवले ने एआईएमआईएम द्वारा डीएमके और कांग्रेस को समर्थन देने की प्रतिक्रिया दी है।
रामदास आठवले का तमिलनाडु चुनावों में क्या लक्ष्य है?
उनका लक्ष्य तमिलनाडु में डीएमके की सरकार को उखाड़कर एनडीए की सरकार लाना है।
बंगाल चुनाव में रामदास आठवले की पार्टी का क्या रोल है?
रामदास आठवले की पार्टी पश्चिम बंगाल में चुनाव नहीं लड़ रही है और वहाँ भाजपा को समर्थन दे रही है।
रामदास आठवले ने मुसलमानों के आरक्षण के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि मुसलमानों को ओबीसी और ईडब्ल्यूएस के तहत आरक्षण मिलता है, लेकिन कानूनी रूप से धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता।
तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में प्रमुख प्रतिस्पर्धा कौन सी है?
तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में प्रमुख प्रतिस्पर्धा डीएमके और एआईएडीएमके के बीच हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
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