क्या रांची में आपराधिक गिरोहों के बीच गोलीबारी के मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार हुए?
सारांश
Key Takeaways
- रांची में आपराधिक गिरोहों के बीच गोलीबारी हुई।
- पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- घटना जमीन के विवाद से जुड़ी थी।
रांची, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रांची के पंडरा थाना क्षेत्र में शनिवार रात को दो आपराधिक गुटों के बीच हुई अंधाधुंध गोलीबारी के मामले में पुलिस ने सोमवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन के आदेश पर गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने रांची के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी करके इन आरोपियों को पकड़ा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी संजय पांडे, बबलू, रवि, अज्जू साह और एक अन्य सहयोगी शामिल हैं। ये सभी आरोपी जमीन के कारोबार से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार रात को पंडरा क्षेत्र के मान्या टावर के पास संदीप थापा गिरोह और संजय गिरोह के बीच वर्चस्व को लेकर हिंसक झड़प हुई थी। यह विवाद जमीन के कारोबार और लेन-देन से जुड़ा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो तुरंत गोलीबारी में बदल गई। अपराधियों ने एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई।
इस गोलीबारी की घटना में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हुए थे। घायलों में आकाश सिंह, उनके भाई विकास सिंह और रवि यादव शामिल हैं। आकाश सिंह को हाथ में गोली लगी, जबकि विकास सिंह को छाती और हाथ में गोली लगी थी। फिलहाल तीनों घायलों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों आपराधिक गुटों के बीच रिंग रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर के पीछे जमीन के एक टुकड़े को लेकर करीब 55 लाख रुपये के लेन-देन का विवाद लंबे समय से चल रहा था। इसी विवाद को सुलझाने के बहाने दोनों पक्ष शनिवार रात घटनास्थल पर इकट्ठा हुए थे, लेकिन विवाद बढ़ने पर गोलीबारी शुरू हो गई। पुलिस ने घटनास्थल से करीब एक दर्जन खोखे भी बरामद किए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पंडरा थाना पुलिस, कोतवाली डीएसपी समेत कई वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर छापेमारी की और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बाद में साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।