क्या रंजीत सावरकर राहुल गांधी के खिलाफ कोर्ट जाएंगे?

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क्या रंजीत सावरकर राहुल गांधी के खिलाफ कोर्ट जाएंगे?

सारांश

राहुल गांधी ने वीर सावरकर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ। सावरकर के पोते रंजीत ने गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की योजना बनाई है। जानिए इस मामले का विस्तृत विश्लेषण और रंजीत सावरकर की प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

वीर सावरकर के खिलाफ राहुल गांधी की टिप्पणी ने राजनीतिक विवाद उत्पन्न किया है।
रंजीत सावरकर ने कानूनी कार्रवाई की योजना बनाई है।
दिल्ली सरकार का निर्णय शिक्षा प्रणाली में सुधार का संकेत है।
आरएसएस का योगदान एक शताब्दी से देश की सेवा में महत्वपूर्ण है।
युवाओं के लिए अपने इतिहास को जानना आवश्यक है।

मुंबई, 4 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में अपने कोलंबिया दौरे के दौरान वीर सावरकर को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की। इस पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वीर सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की योजना बनाई है।

रंजीत सावरकर ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मैं राहुल गांधी के इस बयान के खिलाफ न्यायालय जाने वाला हूं। कांग्रेस प्रवक्ता राहुल गांधी के निर्देश पर इस तरह के बयान दे रहे हैं। इसे लेकर मैं राहुल गांधी को जिम्मेदार मानता हूं।" कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी राहुल गांधी के कहने पर वीर सावरकर के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए थे।

दिल्ली के स्कूलों में आरएसएस और स्वतंत्र वीर सावरकर सहित कई स्वतंत्रता सेनानियों के पाठ पढ़ाए जाने के निर्णय पर रंजीत सावरकर ने कहा कि यह निर्णय सराहनीय है। इसे पहले ही लिया जाना चाहिए था, लेकिन देर आए, दुरुस्त आए। इससे देशभक्ति की भावना विकसित होगी और लोग स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानेंगे।

उन्होंने कहा, "आज के युवाओं को अपने इतिहास के बारे में ज्ञान होना आवश्यक है, क्योंकि जब युवा अपने इतिहास को भूल जाते हैं, तो उस देश का भूगोल भी बिगड़ जाता है। स्कूलों में इस विषय को पढ़ाने का निर्णय पहले ही लिया जाना चाहिए था।"

आरएसएस के सौ वर्ष पूरे होने पर उन्होंने कहा कि आरएसएस हमेशा देश के हित में कार्यरत है। देश में किसी भी आपदा के समय ये लोग बिना स्वार्थ के खड़े रहते हैं। ये लोग एक शताब्दी से देश की सेवा कर रहे हैं। ऐसा कोई अन्य संगठन आज देश में नहीं है। जब भी देश को आवश्यकता होगी, आरएसएस हमेशा तत्पर रहेगा।

उन्होंने आगे कहा कि आज आरएसएस के लोग विभिन्न संस्थानों में कार्य कर रहे हैं। ये लोग लगातार एक शताब्दी से देश के लिए काम कर रहे हैं, जो कि एक बड़ी बात है। इन्हीं लोगों ने देश में राष्ट्रीय भावना का संचार किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारतीय राजनीति में स्वतंत्रता सेनानियों की छवि को भी प्रभावित कर सकता है। हमें इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए और सच्चाई के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रंजीत सावरकर ने राहुल गांधी के खिलाफ क्यों कोर्ट जाने का निर्णय लिया?
रंजीत सावरकर का कहना है कि राहुल गांधी के बयान के चलते कांग्रेस प्रवक्ता आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं, जिसके लिए वह उन्हें जिम्मेदार मानते हैं।
दिल्ली सरकार द्वारा स्कूलों में सावरकर को पढ़ाने का निर्णय क्या है?
यह निर्णय सावरकर के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।
आरएसएस का सौ वर्ष का योगदान क्या है?
आरएसएस ने एक शताब्दी से देश की सेवा की है और हमेशा राष्ट्रीय हित में काम किया है।
राष्ट्र प्रेस
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