भारत ने सेशेल्स रक्षा बलों को जहाज के स्पेयर पार्ट्स का दान किया
सारांश
Key Takeaways
- भारत ने सेशेल्स को जहाज के स्पेयर पार्ट्स दान किए।
- आईएनएस त्रिकंद 'लैमिटी' अभ्यास में भाग ले रहा है।
- यह अभ्यास 9 से 20 मार्च तक चल रहा है।
- द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को मजबूत करने का प्रयास।
- अभ्यास में तीनों सेनाएं शामिल हैं।
पोर्ट विक्टोरिया, 18 मार्च (राष्ट्रीय प्रेस)। भारत ने बुधवार को सेशेल्स के रक्षा बलों को जहाज के स्पेयर पार्ट्स दान किए। इस पहल के माध्यम से भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में समावेशी, सहयोगात्मक और टिकाऊ सुरक्षा और विकास के लिए नई दिल्ली के 'महासागर' (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र प्रगति) दृष्टिकोण को स्पष्ट किया।
सेशेल्स में भारतीय उच्चायोग के अनुसार, ये स्पेयर पार्ट्स आईएनएस त्रिकंद के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी द्वारा सौंपे गए। आईएनएस त्रिकंद वर्तमान में दो वर्षों में होने वाले अभ्यास ‘लैमिटी’ के 11वें संस्करण में भाग लेने के लिए पोर्ट विक्टोरिया आया है। इस अभ्यास का समुद्री चरण बुधवार को आरम्भ हुआ।
भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा, “कैप्टन कुलकर्णी ने चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज मेजर जनरल माइकल रोसेट से भी मुलाकात की और आईएनएस त्रिकंद की भागीदारी के बारे में चर्चा की।”
भारतीय सशस्त्र बलों का एक दल सेशेल्स में ‘लैमिटी-2026’ संयुक्त सैन्य अभ्यास के 11वें संस्करण में भाग ले रहा है, जो सेशेल्स डिफेंस फोर्सेज (एसडीएफ) के साथ मिलकर आयोजित किया गया है। यह संयुक्त अभ्यास 9 से 20 मार्च तक सेशेल्स डिफेंस अकादमी में चल रहा है। ‘लैमिटी’ का अर्थ 'मित्रता' है और यह 2001 से आयोजित हो रहा है।
भारतीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस संस्करण में तीनों सेना की भागीदारी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस दल में असम रेजिमेंट के सैनिकों के साथ भारतीय नौसेना और वायुसेना का भी समावेश है, जिसमें आईएनएस त्रिकंद और एक सी-130 विमान शामिल हैं।
मंत्रालय ने कहा, “यह अभ्यास अर्ध-शहरी वातावरण में उप-पारंपरिक अभियानों के समन्वय को बढ़ावा देने और शांति स्थापना अभियानों के दौरान दोनों पक्षों के बीच सहयोग और पारस्परिक संचालन क्षमता को सुदृढ़ करने का प्रयास करता है। यह द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को भी मजबूत करेगा।”
अभ्यास के दौरान, दोनों पक्ष अर्ध-शहरी वातावरण में संभावित खतरों को निष्क्रिय करने के लिए विभिन्न सामरिक उपायों की योजना बना रहे हैं और उन्हें लागू कर रहे हैं। साथ ही, नई पीढ़ी के उपकरणों और तकनीकों का उपयोग एवं प्रदर्शन भी किया जाएगा।