क्या राष्ट्रपति का अभिभाषण सिर्फ परंपरा है, या यह देश को मार्गदर्शित करने वाला संदेश होता है?: ओम बिरला

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क्या राष्ट्रपति का अभिभाषण सिर्फ परंपरा है, या यह देश को मार्गदर्शित करने वाला संदेश होता है?: ओम बिरला

सारांश

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने इसे केवल परंपरा नहीं, बल्कि देश को मार्गदर्शित करने वाला संदेश बताया। इस अभिभाषण से नीति और कार्यक्रमों की दिशा स्पष्ट होती है। यह लोकतंत्र की मूल भावना का प्रतीक है। जानिए इस अभिभाषण का महत्व और भारतीय बजट का इतिहास।

Key Takeaways

  • राष्ट्रपति का अभिभाषण देश को मार्गदर्शित करता है।
  • यह लोकतंत्र की मूल भावना का प्रतीक है।
  • बजट सत्र की शुरुआत का संकेत है।
  • आर्थिक सुधारों का इतिहास स्पष्ट करता है।
  • राष्ट्र की भावी नीतियों की दिशा निर्धारित करता है।

नई दिल्ली, 28 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद के बजट सत्र की शुरुआत से पूर्व कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण केवल परंपरा नहीं है, बल्कि यह सम्पूर्ण देश को मार्गदर्शित करने वाला एक महत्वपूर्ण संदेश होता है।

ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "संसद का बजट सत्र आज सुबह 11 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए अभिभाषण से प्रारंभ हो रहा है। राष्ट्रपति का अभिभाषण सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि सम्पूर्ण देश को मार्गदर्शित करने वाला महत्वपूर्ण संदेश होता है। इसमें राष्ट्र की भावी नीतियों, निर्णयों और कार्यक्रमों की दिशा स्पष्ट होती है, जो आने वाले वर्ष की विकास यात्रा का सार प्रस्तुत करती है।"

उन्होंने आगे लिखा, "यह अभिभाषण लोकतंत्र की उस मूल भावना का प्रतिबिम्ब है, जहां जनता की आकांक्षाएं नीति-निर्माण का आधार बनती हैं और संसद उन्हें क्रियान्वित करने का दायित्व निभाती है।"

लोकसभा अध्यक्ष ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें भारत के केंद्रीय बजट का इतिहास बताया गया है।

वीडियो में जानकारी दी गई कि जब भारत आजाद हुआ, तब देश आर्थिक रूप से कमजोर था। 1947-48 के पहले केंद्रीय बजट का कुल आकार लगभग 197 करोड़ रुपए था। उस समय भारत की अर्थव्यवस्था 2.78 लाख करोड़ रुपए के आसपास थी। बजट का जोर खाद्य सुरक्षा, प्रशासन चलाने और बुनियादी ढांचे की शुरुआत की जरूरतों पर था। 1960 से 1970 के दशक में हरित क्रांति के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र और ग्रामीण भारत पर निवेश बढ़ा। भारत ने खाद्यान्न में आत्मनिर्भरता हासिल की। 1991 के आर्थिक सुधारों के बाद बजट की दिशा बदली।

इसके अलावा, करोड़ों देशवासियों के सहयोग से भारतीय अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ी। 1991-1992 का केंद्रीय बजट लगभग 1 लाख करोड़ रुपए था और भारत की अर्थव्यवस्था करीब 270 अरब डॉलर तक पहुंची। साल 2000-01 में बजट व्यय तीन से चार लाख करोड़ रुपए था, जबकि जीडीपी लगभग 468 अरब डॉलर थी। 2010-2011 में केंद्रीय बजट 10 से 12 लाख करोड़ रुपए था और जीडीपी 1.67 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंची। 2020-2021 में कोरोना महामारी के बावजूद करीब 35 लाख करोड़ रुपए का केंद्रीय बजट रहा और इस वर्ष जीडीपी 2.67 ट्रिलियन डॉलर पर रही।

वर्तमान भारत का केंद्रीय बजट 50 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच चुका है। भारत की अर्थव्यवस्था 4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की हो चुकी है, यानी 1947 के पहले बजट से लगभग 25 हजार गुना बढ़ोतरी हुई है। जहां पहले बजट का फोकस सिर्फ जरूरतें पूरा करने पर था, वहीं आज इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, रेलवे, एयरपोर्ट, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप्स, रक्षा उत्पादन, ग्रीन एनर्जी, एआई, डाटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और आत्मनिर्भर भारत केंद्र में हैं।

Point of View

जो देश के विकास की दिशा तय करता है। ओम बिरला का यह कहना कि यह अभिभाषण केवल परंपरा नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण संदेश है, इसे और भी महत्वपूर्ण बनाता है। इस अभिभाषण के माध्यम से जनता की आवाज को नीति-निर्माण में शामिल किया जाता है। यह एक सकारात्मक दृष्टिकोण है जो हमें आगे बढ़ने की दिशा में प्रेरित करता है।
NationPress
08/02/2026

Frequently Asked Questions

राष्ट्रपति का अभिभाषण क्यों महत्वपूर्ण होता है?
यह अभिभाषण देश की नीतियों और कार्यक्रमों की दिशा को स्पष्ट करता है, जो लोकतंत्र की मूल भावना को दर्शाता है।
कब से राष्ट्रपति का अभिभाषण होता आ रहा है?
यह परंपरा स्वतंत्रता के बाद से शुरू हुई है, जब भारत ने अपना पहला बजट प्रस्तुत किया था।
इस बार राष्ट्रपति का अभिभाषण कब होगा?
इस साल का अभिभाषण आज सुबह 11 बजे होगा।
राष्ट्रपति का अभिभाषण और बजट में क्या संबंध है?
राष्ट्रपति का अभिभाषण बजट सत्र की शुरुआत करता है और इसमें बजट से संबंधित नीतियों की दिशा तय होती है।
क्या राष्ट्रपति का अभिभाषण केवल औपचारिकता है?
नहीं, यह एक महत्वपूर्ण संदेश है जो देश की भावी योजनाओं और नीतियों को उजागर करता है।
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