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क्या संघ प्रमुख ने अपने पुराने बयान से मुंह मोड़ लिया है?: सपा नेता रविदास मेहरोत्रा

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क्या संघ प्रमुख ने अपने पुराने बयान से मुंह मोड़ लिया है?: सपा नेता रविदास मेहरोत्रा

सारांश

समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भागवत खुद अपने पुराने बयान से मुंह मोड़ चुके हैं। क्या ये बयान केवल दिखावे के लिए थे? जानिए इस मामले की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

मोहन भागवत के बयान पर उठे सवाल रविदास मेहरोत्रा की तीखी प्रतिक्रिया बिहार में वोटर अधिकार यात्रा का महत्व भाजपा पर गंभीर आरोप राजनीतिक बयानों की सच्चाई

लखनऊ, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता रविदास मेहरोत्रा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत खुद अपने पूर्व के बयान से मुंह मोड़ चुके हैं, जब उन्होंने कहा था कि 75 वर्ष की आयु के बाद लोगों को रिटायर हो जाना चाहिए।

रविदास मेहरोत्रा ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "मोहन भागवत ने पहले खुद कहा था कि 75 वर्ष की आयु में पद छोड़ देना चाहिए। अब जब वे खुद इस वर्ष 75 के हो रहे हैं, तो उन्हें अपने पद से त्यागपत्र देना चाहिए। इसी वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उम्र भी 75 पार कर रही है। उन्हें भी अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए था।"

उन्होंने आरोप लगाया, "यह बयान केवल दूसरों के लिए था, खुद के लिए नहीं। अब जब रिटायरमेंट की बात अपने ऊपर आई है, तो मोहन भागवत और पीएम मोदी दोनों ने चुप्पी साध ली है। इसका मतलब साफ है कि उन्होंने इस बयान को अपने निजी स्वार्थ के लिए बदल दिया है।"

बिहार में चल रही वोटर अधिकार यात्रा को लेकर भी सपा विधायक ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह यात्रा आम जनता के वोट के अधिकार की रक्षा के लिए है।

रविदास मेहरोत्रा ने कहा, "बिहार में इंडिया गठबंधन की ओर से जो वोटर अधिकार यात्रा निकाली जा रही है, उसमें समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी शामिल हो चुके हैं। यह यात्रा वोट चोरी के खिलाफ एक बड़ा जनांदोलन बन चुकी है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने वोटों की चोरी करके कई सीटें जीती हैं और अब यह सच्चाई जनता के सामने आ रही है। उन्होंने कहा, "इस बार बिहार में इंडिया गठबंधन की सरकार बनना तय है। भाजपा इतनी बुरी तरह हारेगी कि बेईमानी करके भी नहीं जीत पाएगी।"

सपा विधायक ने प्रधानमंत्री मोदी की मां को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "हम प्रधानमंत्री मोदी की मां का सम्मान करते हैं। वे 100 वर्ष तक जीवित रहीं, लेकिन कभी भी प्रधानमंत्री आवास में रहने नहीं आईं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक बयानों में स्वार्थ का एक बड़ा स्थान होता है। नेताओं को अपने शब्दों का ध्यान रखना चाहिए, खासकर जब वे जनता से संबंधित मामलों पर बोलते हैं। इस मामले में, मोहन भागवत का बयान और रविदास मेहरोत्रा की प्रतिक्रिया, दोनों ही राजनीतिक खेल का हिस्सा हैं।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रविदास मेहरोत्रा ने मोहन भागवत के बारे में क्या कहा?
रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि मोहन भागवत अपने पुराने बयान से पीछे हट गए हैं।
क्या मोहन भागवत को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए?
रविदास मेहरोत्रा का कहना है कि मोहन भागवत को 75 वर्ष की उम्र में अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
बिहार में वोटर अधिकार यात्रा का मकसद क्या है?
यह यात्रा आम जनता के वोट के अधिकार की रक्षा के लिए आयोजित की जा रही है।
कौन सी पार्टी इस वोटर अधिकार यात्रा में शामिल है?
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव इस यात्रा में शामिल हैं।
भाजपा पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
भाजपा पर वोटों की चोरी करके सीटें जीतने का आरोप लगाया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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