क्या शंकराचार्य को पीएम और सीएम के खिलाफ बोलना शोभा नहीं देता?

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क्या शंकराचार्य को पीएम और सीएम के खिलाफ बोलना शोभा नहीं देता?

सारांश

आरएलडी के राष्ट्रीय महासचिव मलूक नागर ने शंकराचार्य के पीएम और सीएम के खिलाफ बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विवाद को जल्द सुलझाने की अपील की है। क्या यह बयान उचित था, जानिए इस लेख में।

Key Takeaways

  • शंकराचार्य का विवादित बयान
  • आरएलडी की अपील विवाद को सुलझाने की
  • मलूक नागर की कांग्रेस पर टिप्पणियाँ

नई दिल्ली, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के महासचिव मलूक नागर ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान देना शोभा नहीं देता। लोकदल के नेता ने इस पूरे विवाद का शीघ्र समाधान करने की अपील की।

मलूक नागर ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "जहां तक शंकराचार्य का सवाल है, यह मामला सुप्रीम कोर्ट में २०२२ से विचाराधीन है। उनका अभिषेक नहीं हुआ है, फिर भी वे सनातनी हैं और बड़े हैं। उन्हें भी शांति से काम लेना चाहिए। जिस प्रकार से वे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बारे में वक्तव्य दे रहे हैं, वह उन्हें शोभा नहीं देता। पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई, उन्हें आक्रोश को नियंत्रित करके तालमेल बनाकर आगे बढ़ना चाहिए। हमें उम्मीद है कि यह विवाद जल्द ही समाप्त होगा और स्थिति सामान्य हो जाएगी।"

इसी बीच, एनडीए सरकार के खिलाफ मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणियों पर आरएलडी नेता ने कहा, "अध्यक्ष के रूप में उन्हें (मल्लिकार्जुन खड़गे) कांग्रेस को मजबूत करना चाहिए। उनके गलत बयानों से पार्टी कमजोर हो रही है।"

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मलूक नागर ने कहा, "तीन वर्षों तक इनका अध्यक्ष नहीं बना, फिर खड़गे साहब अध्यक्ष बने और जिस दिन बने, उसी दिन सनातन धर्म के खिलाफ बोले। गंगा और कुंभ के खिलाफ भी बोले। आजकल उनकी पार्टी के सभी प्रवक्ता सनातन धर्म के समर्थन में बोल रहे हैं। पहले उन्हें कंफ्यूजन दूर करना चाहिए।"

उन्होंने यह भी कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे दूसरों को नसीहत देने के बजाय अपने गिरेबां में झांककर देखें। शकील साहब, नसीमुद्दीन सिद्दीकी जैसे लोग पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। इन नेताओं के आरोपों और राहुल गांधी को दरकिनार करने की स्थिति में, खड़गे को पहले अपनी पार्टी को संभालने का प्रयास करना चाहिए।

आरएलडी नेता ने राष्ट्रीय जनता दल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "जब संघर्ष करना पड़ता है, तो कुछ लोग उभरकर आते हैं और फिर देश के लिए काम करते हैं। कुछ लोग टूट जाते हैं और मनोबल कमजोर हो जाता है। इसी तरह बिहार में लालू प्रसाद यादव का परिवार भी सत्ता से बाहर है। निरंतर हार के कारण उनकी स्थिति निराशाजनक हो गई है। इंडिया गठबंधन में पहले कांग्रेस से और अब परिवार में आपस में लड़ाई चल रही है।"

Point of View

यह स्पष्ट है कि शंकराचार्य का बयान एक संवेदनशील मुद्दा है। हमें हमेशा राष्ट्रीय एकता और सामंजस्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
NationPress
09/02/2026

Frequently Asked Questions

आरएलडी का क्या कहना है?
आरएलडी के महासचिव मलूक नागर ने शंकराचार्य के बयानों पर प्रतिक्रिया दी है और विवाद को जल्द सुलझाने की अपील की है।
शंकराचार्य के बयान का प्रभाव क्या होगा?
यह बयान राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकता है और इससे सामंजस्य बिगड़ सकता है।
कांग्रेस पर मलूक नागर का क्या कहना है?
उन्होंने कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को उनके बयानों के लिए आलोचना की और पार्टी को मजबूत करने की सलाह दी।
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