क्या रोहिणी आचार्य के प्रति सांसद राजेश वर्मा का सम्मान है?

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क्या रोहिणी आचार्य के प्रति सांसद राजेश वर्मा का सम्मान है?

सारांश

सांसद राजेश वर्मा ने रोहिणी आचार्य के फर्ज और लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य पर टिप्पणी की। जानें और क्या कहा उन्होंने तेजस्वी यादव को लेकर।

मुख्य बातें

रोहिणी आचार्य का सम्मान होना चाहिए।
आगामी चुनाव में राजग की सरकार का संभावित प्रभाव।
युवाओं के लिए नौकरी देने के वादे की वास्तविकता।
राजनीतिक बयानबाजियों का महत्व।
बिहार की राजनीति में परिवार का स्थान।

पटना, 20 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। लोक जन शक्ति पार्टी के सांसद राजेश वर्मा ने शनिवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के उस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि "मैंने बेटी और बहन दोनों का फर्ज निभाया है। मेरी खुद की कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है।"

उन्होंने यह भी कहा कि यह बात खारिज नहीं की जा सकती कि जब लालू प्रसाद यादव बीमार थे, तब रोहिणी आचार्य ने अपनी बेटी होने का फर्ज निभाया। ऐसे में उनका सम्मान होना चाहिए। व्यक्तिगत रूप से मैं इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता, लेकिन यह कहना गलत नहीं होगा कि उन्होंने बेटी होने का फर्ज निभाया है।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सीट बंटवारे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में हमारे नेता ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया था। इस कदम का मकसद था कि सरकार अपने एजेंडे में बिहार फर्स्ट और बिहारी फर्स्ट की नीति को शामिल करे और इस दिशा में हमें काफी सफलता मिली।

उन्होंने तेजस्वी यादव की बिहार अधिकार यात्रा पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव अपनी यात्रा में कह रहे हैं कि अगर उनकी सरकार आएगी, तो युवाओं को नौकरी देंगे। हमने देखा है कि उनकी सरकार ने युवाओं को नौकरी दिलाने के लिए क्या कदम उठाए? यह बात किसी से छुपी नहीं है। उनकी सरकार में युवाओं को नौकरी देने के एवज में जमीन भी ली गई थी।

इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि अब तेजस्वी यादव अपनी यात्रा के दौरान युवाओं को कलम बांट रहे हैं। यह स्थिति हास्यास्पद है। ये लोग युवाओं में कलम बांट रहे हैं, लेकिन बिहार की जनता को उन दिनों की याद है जब हथियार लहराकर लोगों को डराया जाता था। अब ये लोग जनता को रिझाने के लिए कलम बांटने का ढोंग कर रहे हैं। मुझे लगता है कि अब उनकी इस स्थिति को जनता स्वीकार नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि अगर फिर राजग की सरकार बन जाती है, तो आम जनता का जीना बेहाल हो जाएगा। लोगों में कानून-व्यवस्था को लेकर डर पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहिणी आचार्य ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि उन्होंने बेटी और बहन दोनों का फर्ज निभाया है और उनकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है।
सांसद राजेश वर्मा का क्या कहना है?
उन्होंने रोहिणी आचार्य के फर्ज को सराहा और तेजस्वी यादव की यात्रा पर कटाक्ष किया।
राष्ट्र प्रेस
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