क्या ओवैसी के पास आरएसएस प्रमुख पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार है?: प्रतुल शाहदेव
सारांश
Key Takeaways
- ओवैसी की आरएसएस प्रमुख पर टिप्पणी को प्रतुल शाहदेव ने खारिज किया।
- लव जिहाद और लव मैरिज के बीच का स्पष्ट अंतर बताया गया।
- सोमनाथ मंदिर की सांस्कृतिक महत्ता पर जोर दिया गया।
रांची, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोमनाथ मंदिर पर लिखे गए ब्लॉग, दिल्ली दंगों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले, लव जिहाद समेत कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं।
प्रतुल शाहदेव ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के लव जिहाद संबंधी बयान पर सांसद असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी पर अपनी बात रखी। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से कहा कि ओवैसी को आरएसएस प्रमुख पर सवाल उठाने का न तो नैतिक अधिकार है और न ही राजनीतिक हैसियत।
उन्होंने बताया कि लव मैरिज और लव जिहाद में एक स्पष्ट अंतर है। लव मैरिज में दोनों पार्टियों को अपने-अपने धर्म का पालन करने की पूरी आजादी होती है, जबकि लव जिहाद में विवाह के बाद महिला पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता है। लव जिहाद के मामलों में अक्सर पहचान छिपाकर और झूठी पहचान अपनाकर हिंदू लड़कियों को फंसाया जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी के सोमनाथ मंदिर पर लिखे ब्लॉग का उल्लेख करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हजारों वर्षों से सनातन सभ्यता और संस्कृति को कमजोर करने के प्रयास होते रहे हैं, लेकिन सनातन धर्म कभी नहीं टूटा। एक हजार साल पहले सोमनाथ मंदिर को पूरी तरह से नष्ट करने का प्रयास किया गया था, लेकिन आज वही मंदिर अपनी पूरी भव्यता के साथ खड़ा है।
उन्होंने कहा कि मुगलों और अंग्रेजों के दौर को देखने के बाद भी सनातन संस्कृति अडिग रही। मंदिरों की रक्षा के लिए अनगिनत बलिदान दिए गए हैं, और यह इतिहास साहस और वीरता की गाथा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के डीएमके सरकार पर दिए बयान पर प्रतुल शाहदेव ने कहा कि तमिलनाडु में डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म की तुलना डेंगू, हैजा और मलेरिया से करना बेहद अपमानजनक है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या स्टालिन परिवार में किसी ने कभी अन्य धर्मों के खिलाफ ऐसी टिप्पणी करने का साहस दिखाया है। तमाम हमलों और आक्रमणों के बावजूद सनातन धर्म मजबूत बना रहा, और यह उसकी सहनशक्ति और आस्था का प्रमाण है।
कांग्रेस के 'मनरेगा बचाओ' आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस का यह विरोध श्रमिकों, गरीबों और किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि मनरेगा की जगह अब विकसित भारत जी राम जी योजना लाई गई है। मनरेगा के तहत 100 दिनों की रोजगार गारंटी को बढ़ाकर अब 125 दिन कर दिया गया है।
प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को भगवान राम के नाम से आपत्ति है, जबकि 2007 में उसने हलफनामा देकर रामलला को काल्पनिक बताया था। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भारत के 2047 के विकास विजन का अहम हिस्सा है।
बांग्लादेश क्रिकेट से जुड़े सवाल पर प्रतुल शाहदेव ने कहा कि अगर बांग्लादेश क्रिकेट खेलना नहीं चाहता, तो यह उसका निर्णय है, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि यह पूरी तरह स्वतंत्र फैसला है। यह सरकारी दबाव में लिया गया ध्यान भटकाने वाला कदम हो सकता है, क्योंकि बांग्लादेश क्रिकेट आईसीसी और बीसीसीआई के नियमों पर निर्भर है।