क्या रूस श्रमिकों की कमी से जूझ रहा है, और क्या भारत से 40 हजार कामगार बुलाए जा सकते हैं?

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क्या रूस श्रमिकों की कमी से जूझ रहा है, और क्या भारत से 40 हजार कामगार बुलाए जा सकते हैं?

सारांश

रूस में श्रमिकों की कमी एक गंभीर समस्या बन गई है, जिसके समाधान के लिए सरकार ने भारत से 40,000 कामगारों को बुलाने का निर्णय लिया है। यह कदम दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। जानिए इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।

Key Takeaways

  • रूस में श्रमिकों की कमी को दूर करने के लिए 40,000 भारतीय कामगारों को बुलाने की योजना।
  • भारत और रूस के बीच दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर।
  • भारतीय कामगारों के लिए सुरक्षा एवं रोजगार के बेहतर अवसर।
  • रूस में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की संख्या 70,000 से 80,000।
  • रूस में अर्ध-कुशल कामगारों की आवश्यकता 5 लाख से अधिक।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रूस में कामगारों की भारी कमी को मद्देनजर रखते हुए वहां की सरकार भारत से अधिक मजदूर और कामगार बुलाने की योजना बना रही है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, इस साल करीब 40,000 भारतीय नागरिक काम के लिए रूस जा सकते हैं।

डीडब्ल्यू.कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल के अंत तक 70,000 से 80,000 भारतीय नागरिक पहले से ही रूस में काम कर रहे थे।

पिछले साल दिसंबर में भारत और रूस के बीच दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे। इन समझौतों का उद्देश्य भारत के अर्ध-कुशल और कुशल कामगारों को रूस में काम करने के बेहतर अवसर प्रदान करना है। ये समझौते हैं, "एक देश के नागरिकों को दूसरे देश में अस्थायी रूप से काम करने की अनुमति" और "अवैध प्रवासन से निपटने में सहयोग"।

इन समझौतों से भारतीय कामगारों को रूस में नौकरी पाने का एक सुरक्षित ढांचा मिलेगा, ताकि उन्हें पहले की तरह धोखाधड़ी या गलत तरीकों का सामना न करना पड़े।

हाल ही में रूस में काम कर रहे एक युवा भारतीय सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के सड़क पर काम करने की खबर ने लोगों का ध्यान खींचा था। वह उन 17 भारतीय कामगारों में शामिल था, जो कुछ महीने पहले सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे थे। उन्हें वहां सड़क रखरखाव के काम में लगाया गया था।

रूस के ऐप-आधारित मीडिया प्लेटफॉर्म फोंटांका के अनुसार, इन कामगारों को रूस की एक सड़क रखरखाव कंपनी कोलोम्योज्स्कोये ने भर्ती किया था। उन्हें सड़क सफाई और सर्दियों में सड़कों के रखरखाव जैसे काम सौंपे गए थे।

रूस के कई हिस्सों में श्रमिकों की कमी बढ़ती जा रही है। इसी वजह से वहां नगरपालिका सेवाओं और हाथ से किए जाने वाले कामों में विदेशी कामगारों की मांग बढ़ रही है।

इस बीच, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा कि भारत का उद्यमशील माहौल काफी मजबूत है और भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत के युवा, कुशल और मेहनती कामगार रूस में अनुमानित 30 लाख कुशल पेशेवरों की कमी को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, रूस में इस समय कम से कम 5 लाख अर्ध-कुशल कामगारों की जरूरत है। यही वजह है कि मॉस्को अब दोस्त देशों, खासकर भारत, से संपर्क बढ़ा रहा है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि भारत और रूस के बीच यह श्रमिकों का आदान-प्रदान न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी मजबूत करेगा। यह कदम हमारे युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है।
NationPress
08/02/2026

Frequently Asked Questions

रूस में काम करने के लिए भारतीय कामगारों को कैसे बुलाया जाएगा?
रूस सरकार ने भारत से कामगारों को बुलाने के लिए विभिन्न समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जो उन्हें अस्थायी रूप से काम करने की अनुमति देंगे।
कितने भारतीय कामगार रूस में काम कर रहे हैं?
रूस में वर्तमान में लगभग 70,000 से 80,000 भारतीय कामगार पहले से ही काम कर रहे हैं।
क्या भारतीय कामगारों के लिए कोई सुरक्षा प्रावधान है?
हाँ, हालिया समझौतों के तहत भारतीय कामगारों को रूस में काम करने का सुरक्षित ढांचा प्रदान किया जाएगा।
क्या रूस में कामगारों की मांग बढ़ रही है?
जी हाँ, रूस के कई हिस्सों में श्रमिकों की कमी बढ़ रही है, जिससे विदेशी कामगारों की मांग में वृद्धि हो रही है।
भारत में काम करने वाले युवा कैसे लाभान्वित हो सकते हैं?
भारत के युवा, कुशल कामगारों की कमी को पूरा करने के लिए रूस में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
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