क्या डीएमके की सरकार सबसे भ्रष्ट है? जनता सिखाएगी सबक: अर्जुन राम मेघवाल

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क्या डीएमके की सरकार सबसे भ्रष्ट है? जनता सिखाएगी सबक: अर्जुन राम मेघवाल

सारांश

केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने हाल ही में 24 घंटे कोर्ट खुलने के निर्णय पर चर्चा की और डीएमके पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस बार तमिलनाडु की जनता डीएमके सरकार को सबक सिखाएगी। जानिए उनके विचारों की गहराई।

Key Takeaways

  • डीएमके के वादों का कोई पालन नहीं हुआ है।
  • कांग्रेस की प्रदर्शनकारियों ने विकसित भारत योजना का विरोध किया।
  • मनरेगा में सुधार से ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
  • भ्रष्टाचार के खिलाफ ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 24 घंटे कोर्ट खुलने के जस्टिस सूर्यकांत के निर्णय पर कहा कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका, ये तीनों अंग अपनी जिम्मेदारी निभाते रहें, यह एक सकारात्मक संकेत है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला किया।

अर्जुन राम मेघवाल ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में कई मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने 24 घंटे कोर्ट खुलने पर कहा कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका, ये तीनों अंग संवेदनशील बने रहें और अपनी जिम्मेदारी निभाते रहें, यह एक अच्छा संकेत है। इससे विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता मिलेगी और नागरिकों का जीवन सरल होगा।

विकसित भारत-जी राम जी’ बिल योजना के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सदस्य सत्ता में रहते हुए और सत्ता से बाहर रहने के बाद जमीनी स्तर पर कितना काम कर पाए हैं? जिन राज्यों में वे शासन में हैं, अगर वे जमीन पर उतरते हैं, तो उन्हें भी फीडबैक मिलता होगा। मनरेगा में संशोधन के लिए फीडबैक जनता से प्राप्त हुआ है। जब मैं लोगों के बीच गया और मनरेगा पर चर्चा की, तो संशोधन की मांग उठी।

उन्होंने कहा कि लोग मुझे कुछ कारण भी बताते थे। वे कहते थे कि जब खेती का मुख्य समय होता था तो उन्हें बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ता था। हमने इसमें सुधार किया है। इसके साथ ही जल सुरक्षा और पानी निकासी को इस नए कानून में प्राथमिकता दी है। इससे गांव की स्थिति में सुधार होगा।

नाम परिवर्तन पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए प्रश्नों पर उन्होंने कहा कि इस योजना का पहले नाम ‘जवाहर रोजगार योजना’ था। इसे बदलकर ‘नरेगा’ और फिर ‘मनरेगा’ किया गया था। नाम योजना के अनुसार बदलते हैं। अब इस नई योजना से गांव की स्थिति में सुधार होगा। जिन लोगों को रोजगार नहीं मिलेगा, उन्हें हम भत्ता देंगे। भ्रष्टाचार को समाप्त करेंगे। 125 दिन रोजगार देने की गारंटी है। खेती के मौसम में भी लोग खेती के कार्य के लिए उपलब्ध रहेंगे। यह एक अच्छी योजना है और कांग्रेस को इसका समर्थन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वक्फ बिल पर कोई भी राज्य सरकार रोक नहीं लगा सकती। हमारे संविधान में तीन सूचियां हैं—संघ सूची, राज्य सूची, और समवर्ती सूची। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कानून के ऊपर कोई भी राज्य सरकार कानून नहीं बना सकती। कुछ पार्टियां जो ऐसे दावे और वादे कर रही हैं, वे राजनीतिक कारणों से ऐसा कर रही हैं। यह लीगल नहीं है।

उन्होंने डीएमके पर हमला बोलते हुए कहा कि डीएमके सरकार जिन वादों के साथ सत्ता में आई, उनमें से एक भी वादा पूरा नहीं कर पाई। गुड गवर्नेंस का वादा था, लेकिन भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। विकास करने का वादा था, लेकिन वह सरकार भ्रष्टाचार और परिवारवाद में डूब गई। मुझे लगता है कि राज्यों में जितनी भी सरकारें हैं, उनमें से सबसे भ्रष्ट डीएमके है। इस बार तमिलनाडु की जनता डीएमके सरकार को एक सबक सिखाएगी और एनडीए की सरकार बनाएगी।

अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नयनार नागेंद्रन की पदयात्रा निकली थी। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और मैं भी शामिल हुआ था। वह रैली बहुत शानदार रही।

Point of View

यह दर्शाता है कि राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं। इस सबके बीच, जनता के हितों की रक्षा करना सबसे महत्वपूर्ण है।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

डीएमके पर आरोप क्यों लगाए गए?
अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि डीएमके सरकार ने अपने वादों को पूरा नहीं किया और भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।
कांग्रेस का प्रदर्शन किस मुद्दे पर था?
कांग्रेस ने 'विकसित भारत-जी राम जी' बिल योजना के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
मनरेगा में क्या बदलाव किया गया है?
मनरेगा में सुधार के तहत, रोजगार की गारंटी बढ़ाई गई है और जल सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
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